गुरुग्राम: जिला जेल से दस विचाराधीन बंदियों की हुई रिहाई
-जेल में लगाई गई लोक अदालत में सुनवाई के दौरान की गई रिहाई
गुरुग्राम, 21 जनवरी (हि.स.)। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण गुरुग्राम की ओर से बुधवार को जिला कारागार भौंडसी में जेल लोक अदालत लगाई गई। इस दौरान सुनवाई करते हुए दस विचाराधीन बंदियों को रिहा किया गया। कारागार का निरीक्षण करते हुए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव राकेश कादियान ने बताया कि जेल लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य विचाराधीन बंदियों के मामलों का शीघ्र निपटारा कर उन्हें न्यायिक प्रक्रिया से राहत दिलाना है। जेल लोक अदालत के दौरान मामलों की सुनवाई उपरांत दस विचाराधीन बंदियों को रिहा किया गया, जिससे उन्हें त्वरित न्यायिक राहत प्राप्त हुई। सचिव ने निरीक्षण के दौरान बंदियों को उपलब्ध विधिक सहायता, अधिवक्ता की सुविधा तथा उनके कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इसके साथ ही उन्होंने कारागार में प्राधिकरण द्वारा संचालित लीगल ऐड क्लिनिक का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बंदी एक साधारण प्रार्थना-पत्र के माध्यम से जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण से नि:शुल्क अधिवक्ता सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। निरीक्षण के दौरान महिला बंदियों से संबंधित समस्याओं, चिकित्सीय सुविधाओं, साक्षरता, खेलकूद, स्वच्छता, रहन-सहन, खान-पान एवं अन्य कानूनी विषयों की समीक्षा की गई तथा इन व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ करने हेतु जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। सचिव ने यह भी जानकारी दी कि आपातकालीन राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन 15100 पर कॉल कर कोई भी व्यक्ति घर बैठे नि:शुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है। इस अवसर पर जेल अधीक्षक, उप-अधीक्षक, जेल स्टाफ, पैनल अधिवक्ता तथा विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े अन्य अधिकारी एवं अधिवक्ता उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

