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गुरुग्राम: भूजल स्तर गिर रहा, कम पानी में तैयार फसलों को देें प्राथमिकता: राव इंद्रजीत सिंह

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गुरुग्राम: भूजल स्तर गिर रहा, कम पानी में तैयार फसलों को देें प्राथमिकता: राव इंद्रजीत सिंह


-कृषि विज्ञान केंद्र शिकोहपुर में पीएम किसान सम्मान निधि कार्यक्रम में कही यह बात

गुरुग्राम, 30 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने किसानों से आह्वान किया कि वे गिरते भूजल स्तर और जल संरक्षण की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कम पानी में तैयार होने वाली फसलों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि धान जैसी अधिक पानी की खपत वाली फसलों पर निर्भरता कम कर मक्का, बाजरा, दलहन और तिलहन जैसी वैकल्पिक फसलों को अपनाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।

यह बात उन्होंने शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र शिकोहपुर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी किए जाने पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम मेंं कही।

इस अवसर पर गुजरात के बनासकांठा में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण भी किया गया। कार्यक्रम में पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, मानेसर की मेयर डॉ. इंद्रजीत यादव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि फसल विविधीकरण से न केवल पानी की बचत होगी, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और किसानों की आमदनी के नए अवसर पैदा करने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढिय़ों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और किसानों की जागरूक भागीदारी से ही टिकाऊ कृषि व्यवस्था का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों के कल्याण और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य कृषि को पारंपरिक तौर-तरीकों से आगे बढ़ाकर आधुनिक, तकनीक आधारित और टिकाऊ खेती के रूप में विकसित करना है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि के साथ उनकी उत्पादन क्षमता भी बढ़े। पर ड्रॉप मोर क्रॉप जैसी पहल के माध्यम से जल के कुशल उपयोग और सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं, खाद्य तेलों और दालों के उत्पादन में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष मिशन शुरू किए गए हैं, ताकि आयात पर निर्भरता कम हो और घरेलू किसानों को उत्पादन के नए अवसर मिलें। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के माध्यम से किसानों को रसायन मुक्त एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और देश की समृद्धि, खाद्य सुरक्षा तथा ग्रामीण विकास का आधार है। देश के करोड़ों किसान अपनी मेहनत और परिश्रम से न केवल राष्ट्र की खाद्य एवं पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर