गुरुग्राम: तथ्यों व प्रमाण के आधार पर सवाल उठाए विपक्ष: गौरव गौत्तम
-एसआईआर के नाम पर जनता को गुमराह करना बंद करे कांग्रेस
-लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के तहत मंत्री ने पत्रकार वार्ता में कही यह बात
गुरुग्राम, 28 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा के खेल एवं युवा राज्य मंत्री गौरव गौतम ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के मुद्दे पर कांग्रेस एवं विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि कांग्रेस एसआईआर को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करने की राजनीति कर रही है। वे बुधवार को यहां भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बात कर रहे थे। इस अवसर पर भाजपा गुरुग्राम जिलाध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी, जिला महामंत्री मनीष सैदपुर एवं जिला मीडिया प्रभारी अजय दुआ, जिला मीडिया सह प्रभारी पीयूष सैनी, कृतिक जैन उपस्थित रहे।
राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है। मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना और सूची में मौजूद त्रुटियों को दूर करना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस संवैधानिक प्रक्रिया को राजनीतिक विवाद का विषय बनाकर जनता में अनावश्यक आशंकाएं पैदा करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य किसी भी पात्र नागरिक का अधिकार छीनना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। यदि किसी मतदाता को प्रक्रिया से संबंधित कोई आपत्ति या समस्या है, तो उसके समाधान के लिए निर्धारित संवैधानिक और प्रशासनिक व्यवस्थाएं मौजूद हैं। ऐसे में कांग्रेस को जनता को गुमराह करने के बजाय लोगों को सही जानकारी देने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सहयोग करने की भूमिका निभानी चाहिए।
गौरव गौतम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की निष्पक्षता पर बार-बार सवाल उठाना और बिना ठोस प्रमाण के आरोप लगाना लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जनता के विश्वास को कमजोर करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन सवाल तथ्यों और प्रमाणों पर आधारित होने चाहिए। केवल राजनीतिक लाभ के लिए संवैधानिक संस्थाओं को विवादों में घसीटना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति अब मुद्दों और जनहित से दूर होकर केवल आरोपों, भ्रम और विरोध तक सीमित रह गई है। कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि चुनाव आयोग और मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रियाएँ किसी एक दल के लिए नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए होती हैं। चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता और शुचिता सुनिश्चित करना सभी राजनीतिक दलों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

