गुरुग्राम: लॉरेंस गैंग के कुख्यात बदमाश धोलिया को मिली जमानत
-धोलिया पर अपने चाचा के मर्डर समेत 20 केस दर्ज
गुरुग्राम, 18 अक्टूबर (हि.स.)। लॉरेंस गैंग के नाम पर व्यापारियों से रंगदारी वसूलने और अवैध हथियार रखने के मामले में गिरफ्तार चरखी दादरी के कुख्यात बदमाश अंकित उर्फ धोलिया (30) को गुरुग्राम कोर्ट से जमानत मिल गई है। वह करीब डेढ़ साल से जेल में बंद था।
एडिशनल सेशन जज सुदीप गोयल की कोर्ट ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है। रविवार काे इस फैसले की जानकारी सामने आई।
कोर्ट ने कहा कि इस केस के 25 से ज्यादा सह-आरोपी पहले ही हाईकोर्ट और लोकल कोर्ट से जमानत पा चुके हैं, इसलिए समानता के आधार पर धोलिया को भी जमानत का लाभ दिया जाता है। अगर वह किसी अन्य केस में वांछित नहीं है तो जल्द जेल से बाहर आ जाएगा। अंकित उर्फ धोलिया चरखी दादरी के बाढड़ा के गांव डांडमा का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, वह विदेश में बैठे लॉरेंस के भतीजे अक्षय के सीधे संपर्क में था। उसे एएसआई संजय कुमार की शिकायत पर 10 मई 2024 को थाना फर्रुखनगर में दर्ज एफआईआर नंबर-114 में गिरफ्तार किया गया था। बाद में 31 मार्च 2025 को दोबारा अरेस्ट किया गया। इस केस में आरोप है कि रोहित गोदारा, नवीन बॉक्सर, लिपन नेहरा और पवन नेहरा जैसे गैंगस्टर जेल और विदेश से वॉट्सऐप-इंस्टाग्राम के जरिए नेटवर्क चला रहे हैं और गुरुग्राम के व्यापारियों को जान से मारने की धमकी देकर करोड़ों की रंगदारी वसूल रहे हैं। पुलिस ने मुख्य आरोपी दिनेश उर्फ दीनू, लोकेश, अजीत यादव सहित कई आरोपियों को हथियारों के साथ पकड़ा था।
आरोपी अपने चाचा का मर्डर भी कर चुका
धोलिया पर हत्या, हत्या के प्रयास और आम्र्स एक्ट समेत 20 से अधिक केस दर्ज हैं। वह जमीन विवाद में अपने चाचा की हत्या भी कर चुका है। आरोपी के वकील ने कहा कि धोलिया 31 मार्च 2025 से जेल में है, उससे कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है और उसका नाम सिर्फ सह-आरोपी के बयान में आया है। इस केस के अजीत यादव, संजीव उर्फ फौजी, जय प्रकाश, विद्याधर, लोकेश, सागर, प्रदीप समेत सभी 25 सह-आरोपी जमानत पर हैं और अभी तक चार्ज भी फ्रेम नहीं हुआ है, ट्रायल में लंबा समय लगेगा। सरकारी वकील अनीता चौधरी ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी खतरनाक है और बाहर आकर गवाहों को प्रभावित कर सकता है। कोर्ट ने हाईकोर्ट द्वारा सह-आरोपी जय प्रकाश (10 दिसंबर 2025) और दिनेश उर्फ दीनू को दी गई जमानत का हवाला देते हुए कहा कि धोलिया की भूमिका भी समान है और वह लंबे समय से हिरासत में है। चालान पेश हो चुका है लेकिन ट्रायल में समय लगेगा। इसलिए शर्तों के साथ जमानत दी जाती है कि वह गवाहों को नहीं धमकाएगा और हर पेशी पर हाजिर रहेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

