गुरुग्राम: कंपनी निदेशक ने फर्जी फर्म बनाकर की करोड़ों रुपये की ठगी
फर्जी वेंडर फर्म्स के माध्यम से लेन-देन में ठगी का एक आरोपी काबू
कंपनी से रुपये ट्रांसफर करवाकर वारदात को दिया था अंजाम
गुरुग्राम, 28 मार्च (हि.स.)। पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा-2 ने एक कंपनी के साथ करोड़ों रुपये की ठगी करने के मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी कंपनी निदेशक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फर्जी वेंडर्स फर्म्स के माध्यम से लेन-देन में करोड़ों की ठगी की थी। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने शनिवार को बताया कि आरोपी को अदालत में पेश करके दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। मामले के अनुसार एक जुलाई 2025 को कम्पनी स्मार्टपैडल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया कि कंपनी मैसर्ज सिटी मेगा मार्ट प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर्स ने वर्ष 2022 में सप्लाई एग्रीमेंट करके व्यापार के नाम पर खरीद आदेश जारी किए। इन आदेशों पर विभिन्न वेंडर्स के माध्यम से सामान सप्लाई दिखाकर कंपनी को तय समय में रुपये वापिस करने का एग्रीमेंट करके करोड़ों रुपये का भुगतान करवा लिया। इसके बाद रुपये लौटाने से इंकार कर दिया। इसमें वेंडर्स की भूमिका भी संदिग्ध थी। इस मामले में पुलिस थाना सेक्टर-17/18 गुरुग्राम में केस दर्ज किया गया। आर्थिक अपराध शाखा-2 की पुलिस टीम द्वारा जांच की गई। आर्थिक अपराध शाखा-2 द्वारा इस मामले में तमिलनाडू के कोयंबटूर एक आरोपी निदेशक को गिरफ्तार किया गया। आरोपी की पहचान प्रशांत (उम्र-45 वर्ष, शिक्षा-स्नातक) निवासी जनकपुरी पश्चिमी दिल्ली के रूप में हुई है।
ठगी करने के लिए आरोपी ने बनाई अपनी ही फर्मआरोपी से पूछताछ में पता चला है कि आरोपी सिटी मेगा मार्ट कम्पनी का निदेशक (लगभग 20 प्रतिशत शेयर होल्डर) है। आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता कंपनी से व्यापार के नाम पर लोन लिया। 90 दिन के अंदर ब्याज सहित वापस करने का आश्वासन दिया। आरोपियों द्वारा जिन फर्मों के माध्यम से खरीद आदेश जारी कर रुपये ट्रांसफर करवाये गये, वे फर्म आरोपी व उसके साथियों की ही थी। इस दौरान केवल इनवॉइस जारी की गई थी, लेकिन किसी भी प्रकार का सामान न ही सप्लाई किया गया और न ही खरीदा गया था। आरोपियों ने शिकायतकर्ता कंपनी से प्राप्त राशि को अपनी ही कम्पनी में ट्रांसफर करवाकर आपस में बांट लिया। इस धोखाधड़ी से प्राप्त राशि में आरोपी के हिस्से लगभग 70 लाख रुपये आए थे।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

