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गुरुग्राम: फर्जी कागजात पर एग्रीमेंट कराकर ठगी के गिरोह का एक आरोपी काबू

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आरोपी एक ही जमीन का फर्जी तरीके से कई बार एग्रीमेंट करके कई बार कर चुका है ठगी

आरोपी के खिलाफ 11 ठगी केस सहित 20 केस हैं दर्ज

गुरुग्राम, 28 फरवरी (हि.स.)। दूसरों की जमीन दिखाकर फर्जी एग्रीमेंट के माध्यम से धोखाधड़ी व ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सरगना को पुलिस की अपराध शाखा सेक्टर-17 ने काबू किया है। आरोपी की पहचान कविंद्र भाटी निवासी गांव माकोड़ा दादरी जिला गौतमबुद्ध नगर के रूप में हुई।

पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने शनिवार को बताया कि अपराध शाखा सेक्टर-17 गुरुग्राम की टीम ने इस मामले में गुरुग्राम से गिरोह के मुख्य सदस्य को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी से पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वह शातिर किस्म का अपराधी है जो धोखाधड़ी से बिना विक्रय योग्य जमीन को व किसी अन्य की जमीन को अपने गिरोह के सदस्य के माध्यम से फर्जी एग्रीमेंट करके ठगी की वारदात को अंजाम देता है। जांच में पता चला है कि आरोपी अपने गिरोह के सदस्यों के माध्यम से जमीन खरीदने वाली एक फर्जी पार्टी बनकर लोगों को ऊंचे दामों का लालच देते हैं। फर्जी एग्रीमेंट करके उनके साथ ठगी करते हैं। इस केस में भी आरोपी कविंद्र ने आरोपी विजय के साथ मिलकर शिकायकर्ता को खादर की जमीन (बिना विक्रय योग्य) को दिखाकर फर्जी एंग्रीमेंट करके ठगी की वारदात को अंजाम दिया था। जिसके बदले आरोपी को ठगी की राशि में से 20 लाख रुपये मिले थे। आरोपी ने पहले भी उत्तर-प्रदेश में इसी प्रकार से ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है, जिसके संबंध में वहां पर पहले भी केस दर्ज है। आरोपी को शनिवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी के खिलाफ 20 केस उत्तर प्रदेश में व धोखाधड़ी करने के तहत एक केस गुरुग्राम में पहले से दर्ज है।

जानकारी के अनुसार छह जून 2024 को आर्थिक अपराध शाखा-2 गुरुग्राम को एक शिकायत मिली। शिकायतकर्ता ने बताया कि वर्ष-2023 में उसकी मुलाकात अश्वनी चौधरी नामक व्यक्ति से हुई। अश्वनी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से इसको जमीन में इन्वेस्टमेंट का लालच दिया तथा गांव मंडकोला व नोएडा की जमीन से संबंधित फर्जी एग्रीमेंट किए। अश्वनी व उसके साथियों ने दूसरों की जमीन को अपनी बताकर 15 बीघा जमीन का फर्जी एग्रीमेंट नौ करोड़ 30 लाख रुपयों में कर लिया और एडवांस में 45 लाख रुपयों की ठगी की। बाद में जांच में पता चला कि संबंधित जमीन विक्रय योग्य नहीं थी और दस्तावेज फर्जी थे। जांच में समक्ष आए तथ्यों के आधार पर पुलिस थाना सिविल लाइंस गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज करवाकर जांच अपराध शाखा-2 द्वारा शुरू की गई। टीम ने पुलिस प्रणाली व पुलिस तकनीकी की सहायता से आठ दिसंबर 2025 को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गिरोह के मुख्य सदस्य को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। आरोपी की पहचान विजय शर्मा निवासी प्रताप नगर, जिला गाजियाबाद के रूप में हुई थी।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर