गुरुग्राम: पर्यावरण संरक्षण के परिवर्तनकारी बन सकते विद्यार्थी : राव नरबीर सिंह
गुरुग्राम विवि में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर केंद्रित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू
गुरुग्राम, 21 मार्च (हि.स.)। गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में स्वास्थ्य, पर्यावरण और स्थिरता में उभरते रुझान विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शनिवार को शुभारंभ हुआ। यह सम्मेलन पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
सम्मेलन में देश-विदेश के लगभग 500 से अधिक शोध विद्वान, संकाय सदस्य, छात्र एवं विभिन्न क्षेत्रों के प्रमुख अधिकारी एक मंच पर एकत्रित हुए। जैव-विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित इस सम्मलेन में कुल 154 शोध पत्र प्राप्त हुए, जो इस विषय के प्रति बढ़ती वैश्विक रुचि और जागरूकता को दर्शाते हैं। कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने शनिवार काे कहा कि गुरुग्राम यूनिवर्सिटी द्वारा प्लास्टिक मुक्त और डिजिटल माध्यमों से आयोजित यह सम्मेलन अन्य संस्थानों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि युवा शोधकर्ता और विद्यार्थी पर्यावरण संरक्षण के वास्तविक परिवर्तनकारी बन सकते हैं, यदि वे अपने विचारों को व्यवहार में उतारें। उन्होंने कहा कि आज के शोध और नवाचार तभी सार्थक होंगे जब उनका लाभ आम जन तक पहुंचे। डीएलसी सुपवा के कुलपति डॉ. अमित आर्य ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विचारों के आदान-प्रदान के साथ-साथ एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा को हरित और स्वच्छ बनाने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। विशिष्ट अतिथि प्रो. एस.के. गखड़ ने कहा हम सबको मिलकर एक ऐसा समाज बनाना है, जहां विकास के साथ प्रकृति का सम्मान भी सुनिश्चित हो वही दूसरी और ड्रग कंट्रोलर ललित कुमार गोयल ने भी अपने विचार रखे। अपने अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति डॉ. संजय कौशिक ने कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों ही मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। सतत विकास के लिए हमें नवाचार, अनुसंधान और जागरूकता को साथ लेकर आगे बढऩा होगा। इस मौके पर सम्मेलन के संयोजक डॉक्टर धीरेंद्र कौशिक, डीन प्रोफेसर भूपेश शर्मा, प्रोफेसर संजीव गुप्ता समेत विश्वविद्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थिति रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

