गुरुग्राम में ईडी ने जब्त की वाटिका ग्रुप की 33 करोड़ की प्रॉपर्टी
-कंपनी के दिल्ली-एनसीआर में सात ठिकानों पर की गई छापेमारी
-लोगों से रुपये लेकर प्लॉट नहीं देने का कंपनी पर आरोप
-2010 से 2012 के बीच ग्राहकों से करीब 260.30 करोड़ रुपये लिए थे
गुरुग्राम, 28 अगस्त (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रियल एस्टेट कंपनी वाटिका लिमिटेड और उसके प्रमोटर-डायरेक्टर्स के दिल्ली-एनसीआर में सात ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पीएमएलए के तहत की गई, जो कि गुरुवार की देर रात तक जारी रही। छापेमारी में ईडी ने करीब 33 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है।
ईडी के मुताबिक मामला वाटिका इंडिया नेक्स्ट और वाटिका इंडिया नेक्स्ट-2 प्रोजेक्ट से जुड़ा है। कंपनी पर आरोप है कि प्लॉट देने का वादा कर ग्राहकों से पैसे लिए गए, लेकिन प्लॉट नहीं दिए गए। जांच में सामने आया कि 2010 से 2012 के बीच ग्राहकों से करीब 260.30 करोड़ रुपये लिए गए थे, लेकिन सिर्फ 120 करोड़ रुपये के प्लॉट ही दिए गए। बाकी प्लॉट 14 साल बाद भी ग्राहकों को नहीं मिले हैं। ईडी ने आरोप लगाया कि इसी प्रोजेक्ट के 14 प्लॉट ग्राहकों की सहमति के बिना ही तीसरे पक्ष को बेच दिए गए।
छापेमारी के दौरान प्रमोटरों से जुड़े प्रॉपर्टी के कागजात, ऑडिटेड वित्तीय रिकॉर्ड, टैली डेटा और फंड डायवर्जन से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं। इसके अलावा कई डिजिटल डिवाइस और ग्राहकों से ली गई रकम से जुड़े कागजात भी मिले हैं। ईडी ने तीन लग्जरी गाडिय़ां, ज्वेलरी, बैंक खाते और सिक्योरिटीज को जब्त/फ्रीज किया है, जिनकी कुल कीमत करीब 33 करोड़ रुपये है। ईडी ने वाटिका के प्रमोटर-डायरेक्टर अनिल भल्ला, गौतम भल्ला और गौरव भल्ला सहित अन्य के खिलाफ ईसीआईआर दर्ज की है। यह केस दिल्ली पुलिस की ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज कई एफआईआर के आधार पर आगे बढ़ाया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

