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गुरुग्राम: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 58 निर्माण साइट्स को जारी किया नोटिस

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गुरुग्राम: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 58 निर्माण साइट्स को जारी किया नोटिस


-पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर मांगा है जवाब

गुरुग्राम, 08 मई (हि.स.)। हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने यहां द्वारका एक्सप्रेसवे किनारे निर्माणाधीन साइट्स को नोटिस भेजा है। नोटिस के माध्यम से निर्माणकर्ताओं से एचएसपीसीबी ने पर्यावरण के नियमों के उल्लंघन पर जवाब मांगा है।

हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने गुरुग्राम-द्वारका एक्सप्रेसवे किनारे पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर कई हाउसिंग प्रोजेक्ट, इंडस्ट्रियल यूनिट और 58 कंस्ट्रक्शन साइट्स को पॉल्यूशन कंट्रोल में लापरवाही पर कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। यह कार्रवाई चेयरमैन की अध्यक्षता में हुई यमुना एक्शन प्लान रिव्यू मीटिंग के दौरान दिए गए निर्देशों के बाद की गई है। बिल्डरों और कॉलोनाइजरों द्वारा लगाए गए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के ऑपरेशनल स्टेटस और नियमों के पालन का पता लगाने के लिए 6 और 7 मई को इंस्पेक्शन किए गए, साथ ही द्वारका एक्सप्रेसवे बेल्ट के किनारे रिहायशी इलाकों में गैर-कानूनी इंडस्ट्रियल एक्टिविटी की पहचान की गई। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से लोट्स रियलटेक प्राइवेट लिमिटेड की लोटस होम्ज अफोर्डेबल गु्रप हाउसिंग कॉलोनी सेक्टर-111 गांव चौमा में और एक इंडस्ट्रियल यूनिट मेसर्स हरियाणा मेटल शामिल है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि लोटस होम्स में लगा एसटीपी कथित तौर पर ठीक से काम नहीं कर रहा था। एसटीपी के इनलेट और आउटलेट दोनों पॉइंट से सेंपल लेकर जांच के लिए प्रदूषण बोर्ड की प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जिन दोनों यूनिट का इंस्पेक्शन हुआ है, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस के तहत तय जवाब देने का समय खत्म होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

इसी प्रकार विभाग ने कंस्ट्रक्शन साइट्स को प्रपोज्ड क्लोजर और एनवायर्नमेंटल कम्पेनसेशन लगाने के लिए 58 कारण बताओ नोटिस भी जारी किए। वहां पर रिमोट मॉनिटरिंग के लिए लगाए गए वेब कैमरे काम नहीं कर रहे थे। बोर्ड की ओर से कहा गया है कि क्लोजर और एनवायर्नमेंटल पेनल्टी के बारे में कार्रवाई तय समय खत्म होने के बाद या प्रोजेक्ट प्रपोज करने वालों से जवाब मिलने के बाद शुरू की जाएगी, जो भी पहले हो। विभाग के अधिकारियों की ओर से बिल्डर्स को साफ कहा गया है कि अगर उनकी लापरवाही जारी रही तो भविष्य में भी ऐसे नोटिस जारी होंगें। साथ ही कहा गया है कि अगर कोई औद्योगिक यूनिट बिना शोधित किए एफ्लुएंट को बायपास करती हुई पाई जाती है तो उसे तुरंत बंद कर दिया जाएगा। साथ ही उनके खिलाफ केस चलाया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर