गुरुग्राम: भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी सेवाओं में तेजी लाएं अधिकारी: डॉ. सुमिता मिश्रा
-लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करें
-राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त ने की समीक्षा बैठक
गुरुग्राम, 09 अगस्त (हि.स.)। हरियाणा सरकार की अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा चकबंदी विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने रविवार को गुरुग्राम जिला के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ राजस्व विभाग से संबंधित विभिन्न कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक की।
बैठक में पेपरलेस रजिस्ट्री और म्यूटेशन, डिमार्केशन, आधार सीडिंग, फॉर्मर रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्यों की समीक्षा के साथ साथ राजस्व सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर विशेष जोर दिया गया। डॉ. सुमिता मिश्रा ने बैठक में पेपरलेस रजिस्ट्रेशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे तथा नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकारियों द्वारा दिए गए ब्यौरे के अनुसार गुरुग्राम जिले की विभिन्न तहसीलों में कुल 53,529 टोकन में से 42,853 स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 1,364 मामले लंबित हैं। इनमें से 1,214 मामले 48 घंटे से कम अवधि के हैं, जबकि अन्य लंबित मामलों में 2-5 दिन, 5-10 दिन, 10-15 दिन तथा 15-25 दिन की श्रेणियां शामिल हैं। वहीं 6,018 मामले नागरिक स्तर पर लंबित दर्शाए गए हैं।
म्यूटेशन के मामलों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि जिले में कुल 2,88,105 इंतकाल दर्ज हैं, जिनमें 2,22,823 पूर्ण, 46,266 शामिल तथा 7,585 मामले लंबित हैं। इसके अलावा 5,116 मामले एंट्री स्तर पर, 2,468 स्वीकृति स्तर पर तथा 11,430 मामले निरस्त श्रेणी में दर्ज हैं। डॉ. मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इंतकाल की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो तथा प्रत्येक स्तर पर मामलों की नियमित समीक्षा कर लंबित प्रकरणों को शीघ्रता से आगे बढ़ाया जाए। डिमार्केशन के मामलों की समीक्षा करते हुए वित्त आयुक्त ने इस दिशा में भी अधिकारियों को गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि डिमार्केशन से संबंधित मामलों में राजस्व अधिकारियों और कानूनगो स्तर पर नियमित निगरानी रखते हुए लंबित मामलों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत शीघ्र निपटाया जाए।
भू-नक्शा कार्य को गति देने के निर्देश
बैठक में भू-नक्शा की प्रगति पर भी विशेष रूप से चर्चा हुई। प्रस्तुति के अनुसार गुरुग्राम जिले में विभिन्न तहसीलों के कुल 5,53,827 प्लॉट के मुकाबले 4,58,724 प्लॉट भू-नक्शा में दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि 1,53,403 मामलों में ततीमा (इंतकाल) लंबित है। जिले के लिए 291 गांवों के आयात का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 270 गांवों का आयात पूरा हो चुका है। वित्त आयुक्त ने शेष गांवों को भी शीघ्र पूरा करने तथा लंबित ततीमा से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए। बैठक में डिजिटल फसल सर्वे की स्थिति की भी समीक्षा की गई। प्रस्तुति के अनुसार गुरुग्राम जिले में 2,37,009 सर्वे आवंटित, 81,482 सर्वे पूर्ण तथा 10,551 सर्वे स्वीकृत किए गए हैं, जबकि 70,931 सर्वे स्वीकृति के लिए लंबित हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

