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गुरुग्राम: नर्सिंग ऑफिसर डॉ. आशा ने यूरोप व अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटियों पर फहराया तिरंगा

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गुरुग्राम: नर्सिंग ऑफिसर डॉ. आशा ने यूरोप व अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटियों पर फहराया तिरंगा


-27 साल से राजस्थान सरकार में नर्सिंग ऑफिसर हैं डा. आशा

रेवाड़ी/गुरुग्राम, 03 सितंबर (हि.स.)। भारत की बेटी 48 वर्षीय नर्सिंग ऑफिसर डॉ. आशा ने सिर्फ छह दिन में यूरोप और अफ्रीका की सर्वोच्च चोटियों पर तिरंगा फहराकर इतिहास रच दिया। डॉ. आशा के पति अजय सिंह हरियाणा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं। उनके दो बच्चों में से बेटी डॉक्टर और बेटा इंजीनियर है।

नर्सिंग ऑफिसर डॉ. आशा ने 21 अगस्त 2026 को सुबह 09:07 बजे 5,642 मीटर ऊंची यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस और फिर 29 अगस्त 2026 को सुबह 05:31 बजे 5,895 मीटर ऊंची अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो की उहुरू पीक फतह की। कैलेंडर के हिसाब से दोनों समिट में आठ दिन का अंतर रहा, जिसमें यात्रा और ट्रांजिट शामिल है, लेकिन प्रभावी क्लाइंबिंग सिर्फ छह दिन में की गई। दोनों चोटियों पर उन्होंने तिरंगे के साथ बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और महिला सशक्तिकरण का संदेश पहुंचाया। डॉ. आशा ने 2017 में 39 साल की उम्र में पहले ही प्रयास में तिब्बत की ओर से माउंट एवरेस्ट फतह किया था। वह भारत और विश्व की पहली नर्सिंग ऑफिसर के रूप में एवरेस्ट फतह करने का दावा करती हैं। पिछले 27 साल से राजस्थान सरकार में नर्सिंग ऑफिसर के तौर पर सेवारत डॉ. आशा अब सेवन समिट्स मिशन 2026-27 पर हैं, जिसके तहत सातों महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों को फतह करना उनका लक्ष्य है। पर्वतारोहण के साथ-साथ डॉ. आशा 10, 25 और 50 मीटर एयर पिस्टल शूटर भी हैं। 2025 में उन्होंने मास्टर्स महिला वर्ग में 4 स्वर्ण और 3 कांस्य पदक जीते थे। रेवाड़ी के छोटे से गांव से शुरू हुई उनकी यात्रा युवाओं और महिलाओं के लिए संदेश है कि अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी शिखर असंभव नहीं।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर