गुरुग्राम: सामान्य सिम को ई-सिम में बदलने के नाम पर 18 लाख से अधिक की ठगी
-पुलिस ने ठगी के एक आरोपी को किया काबू
-पांच प्रतिशत कमीशन पर ठग गिरोह के लिए आरोपी करता था काम
गुरुग्राम, 18 अगस्त (हि.स.)। ई-सिम में बदलने के नाम पर यहां एक व्यक्ति से 17 लाख 31 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को काबू किया है। वह पांच प्रतिशत कमीशन पर ठग गिरोह के लिए काम करता था। ठगी गई राशि से उसने सोना भी खरीद लिया था। इसके लिए तीन लाख 31 हजार रुपये सीधे ज्वैलरी शॉप के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने मंगलवार को बताया कि वह पांच प्रतिशत कमीशन पर ठगों के लिए काम करता था।
जानकारी के अनुसार 25 जून 2026 को शिकायतकर्ता ने पुलिस थाना साइबर अपराध दक्षिण, गुरुग्राम में शिकायत दी कि एक व्यक्ति ने स्वयं को एयरटेल का कर्मचारी बताकर फोन किया। मोबाइल सिम को ई-सिम में बदलने के लिए उसे प्रेरित किया। इसके बाद शिकायतकर्ता के मोबाइल का नेटवर्क बंद हो गया। इसी दौरान उसके एसएचबीसी बैंक खाते से सात अवैध आरटीजीएस/एनसीएफटी ट्रांजेक्शन के माध्यम से 18 लाख 31 हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिए गए। इस शिकायत पर पुलिस थाना साइबर अपराध दक्षिण में केस दर्ज किया गया।
पुलिस थाना साइबर अपराध दक्षिण गुरुग्राम की पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों एवं बैंकिंग ट्रेल के आधार पर इस वारदात में संलिपत जय वर्मा उर्फ बिट्टू (उम्र 24 वर्ष, शिक्षा-10वीं) निवासी ग्वालियर मध्य प्रदेश को काबू किया। आरोपी पूर्व में ऑटो रिक्शा चालक के रूप में कार्य करता था। पुलिस पूछताछ में पता चला कि इस केस में ठगी गई राशि में से तीन लाख 31 हजार रुपये साइबर फ्रॉड करने वाले व्यक्तियों द्वारा सीधे एक ज्वेलरी शॉप के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे।
साइबर फ्रॉड करने वाले व्यक्तियों के कहने पर आरोपी जय वर्मा ने उस राशि से ज्वेलरी शॉप से सोना खरीदा। उस सोने को अन्य व्यक्ति को बेच दिया। उस बैंक खाते को गुरुग्राम पुलिस की साइबर टीम द्वारा ट्रेस कर राशि को होल्ड करवाया गया। इसके बाद ज्वेलरी शॉप के मालिक द्वारा ग्वालियर में आरोपी जय वर्मा के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में यह भी पता चला है कि आरोपी जय वर्मा साइबर फ्रॉड करने वाले व्यक्तियों के साथ मिलकर पांच प्रतिशत कमीशन पर काम करता था। उनके कहने पर साइबर ठगी की राशि से सोना खरीदकर उसे अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध करवाता था। आरोपी द्वारा साइबर ठगी करने वालों को बैंक खाते उपलब्ध कराने तथा साइबर ठगी की राशि को ठिकाने लगाने में भी सहयोग किया जाता था। पुलिस टीम द्वारा आरोपी को अदालत में पेश करके चार दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर

