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हिसार : भारत को भारत के रूप में प्रस्तुत करने के लिए हम सबको व्यास बनना पड़ेगा : बीआर शंकरानंद

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हिसार : भारत को भारत के रूप में प्रस्तुत करने के लिए हम सबको व्यास बनना पड़ेगा : बीआर शंकरानंद


गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में भारतीय शिक्षण मंडल के सौजन्य से हुआ ‘गुरु पूर्णिमा समारोह’हिसार, 27 जुलाई (हि.स.)। भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल भारतीय संगठन मंत्री बीआर शंकरानंद ने कहा है कि आज पूरा विश्व बदलते हुए भारत को नई दृष्टि से देख रहा है। भारत की सनातन ज्ञान परंपरा, संस्कृति और जीवन मूल्यों की प्रासंगिकता निरंतर बढ़ रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत को भारत के रूप में प्रस्तुत करने के लिए हम सबको व्यास होना पड़ेगा। बीआर शंकरानंद सोमवार को गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय एवं भारतीय शिक्षण मंडल, हरियाणा प्रांत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित गुरु पूर्णिमा समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने की। भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल भारतीय मंडल कार्य विभाग प्रमुख डॉ. जितेन्द्र भारद्वाज विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डाॅ. विजय कुमार तथा गुरु जम्भेश्वर जी महाराज धार्मिक अध्ययन संस्थान के विभागाध्यक्ष प्रो. किशनाराम बिश्नोई भी मंच पर उपस्थित रहे। मुख्यातिथि बीआर शंकरानंद ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का संकल्प है। व्यास पूजा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि ‘व्यास’ गुरु परंपरा का प्रतीक है, ‘पूजा’ का अर्थ केवल आराधना नहीं, बल्कि गुरु के आदर्शों को अपने जीवन में उतारना है, जबकि ‘उत्सव’ का वास्तविक अर्थ महान आदर्शों को समाज तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि कर्म की शुद्धि से पहले भाव की शुद्धि आवश्यक है। ‘गुरु’ शब्द की महत्ता बताते हुए उन्होंने कहा कि यह विश्व की 280 भाषाओं में उसी स्वरूप में स्वीकार किया गया है। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि गुरु पूर्णिमा भारतीय जीवन दर्शन, गुरु-शिष्य परंपरा और ज्ञान के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का पावन उत्सव है। उन्होंने कहा कि गुजविप्रौवि महान संत एंव आदि पर्यावरणविद् गुरु जंभेश्वर जी महाराज के नाम पर स्थापित है। गुरु जम्भेश्वर जी ने अपने 29 नियमों में पर्यावरण सुरक्षा, मानवीय संवेदना तथा जीव रक्षा का पवित्र संदेश दिया है। गुजविप्रौवि गुरु जी के सिद्धांतों को अपनाते हुए आधुनिक ज्ञान और भारतीय परंपरा के संतुलन को स्थापित करने में अपना अग्रणी योगदान दे रहा है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. जितेन्द्र भारद्वाज ने कहा कि अखिल भारतीय शिक्षण मंडल वर्षों से भारतीय शिक्षा दर्शन को समाज तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। अखिल भारतीय शिक्षण मंडल के सदस्य कुलदीप आर्य ने भारतीय शिक्षण मंडल का ध्येयमंत्र तथा प्रो. तेजपाल सिंह ने प्रेरणादायी अखिल भारतीय शिक्षण मंडल गीत प्रस्तुत किया। इस अवसर पर अतिथियों द्वारा गुरु जम्भेश्वर जी महाराज धार्मिक अध्ययन परिसर में पौधारोपण भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान वैदिक मैथमेटिक्स के सर्टिफिकेट तथा डिप्लोमा कोर्सों का पोस्टर भी रिलीज किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर