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हिसार : ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी में मानवीय आधार को शामिल करे सरकार : सांझा मोर्चा

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हिसार : ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी में मानवीय आधार को शामिल करे सरकार : सांझा मोर्चा


वर्षों से दूरी पर कार्यरत चालक-परिचालकों को गृह जिले के नजदीक लाने को मिले

प्राथमिकता

‘जो दूर है उसे नजदीक

लाओ, जो नजदीक है उसे दूर मत भेजो’ के सिद्धांत पर हों तबादले

हिसार, 14 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा रोडवेज के चालक एवं

परिचालकों के लिए प्रस्तावित ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर हरियाणा रोडवेज कर्मचारी

सांझा मोर्चा ने परिवहन मंत्री के समक्ष महत्वपूर्ण सुझाव एवं मांगें रखी हैं। मोर्चा

ने कहा कि ऑनलाइन ट्रांसफर प्रणाली पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने

की दिशा में सकारात्मक कदम है, लेकिन चालक एवं परिचालकों की कठिन एवं जोखिमपूर्ण ड्यूटी

तथा उनकी पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए इस नीति में मानवीय आधार को उचित महत्व

दिया जाना बेहद जरूरी है।

सांझा मोर्चा ने कहा कि बड़ी संख्या में चालक एवं परिचालक ऐसे हैं जो अपने

गृह जिले से 200 से 300 किलोमीटर या इससे भी अधिक दूरी पर स्थित डिपो में पिछले 5,

7 और 10 वर्षों से लगातार सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार

पर उनके गृह जिले अथवा नजदीकी डिपो में स्थानांतरित किया जाना चाहिए। इसके अलावा जो

कर्मचारी पहले से अपने गृह जिले अथवा नजदीकी डिपो में कार्यरत हैं, उन्हें बिना ठोस

कारण दूर-दराज के डिपो में भेजना न्यायसंगत नहीं होगा।

मोर्चा ने कहा कि चालक एवं परिचालक सामान्य कार्यालयी कर्मचारी नहीं हैं। उनकी

ड्यूटी अत्यंत जिम्मेदारी और एकाग्रता वाली होती है। वे प्रतिदिन लगभग 250 से 700 किलोमीटर

तक की दूरी तय करते हुए कई जिलों को जोड़ने वाले लंबे मार्गों पर यात्रियों को सुरक्षित

परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाते हैं। ऐसे में यदि किसी कर्मचारी को ड्यूटी करने के लिए

अपने कार्यस्थल तक पहुंचने में ही 150 से 200 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़े तो इसका

प्रतिकूल असर उसके स्वास्थ्य, कार्यक्षमता और एकाग्रता पर पड़ना स्वाभाविक है।

सांझा मोर्चा ने मांग की कि जिन डिपो में मुचवल अर्थात स्टाफ की आवश्यकता अथवा

रिक्त पद उपलब्ध हैं, वहां आवश्यकता, वरिष्ठता और सेवा अवधि के आधार पर कर्मचारियों

का समायोजन किया जाए। विशेष रूप से वर्षों से दूर-दराज के डिपो में कार्यरत कर्मचारियों

को उनके गृह जिले अथवा नजदीकी डिपो में उपलब्ध पदों पर प्राथमिकता दी जाए।

मोर्चा ने प्रस्तावित ट्रांसफर पॉलिसी में कर्मचारी की आयु 50 वर्ष से अधिक

होने, गंभीर बीमारी से पीड़ित होने, पति-पत्नी दोनों के सरकारी सेवा में होने, गृह

जिले से कार्यस्थल की दूरी तथा लंबे समय से दूर-दराज डिपो में कार्यरत रहने की अवधि

को विशेष वेटेज देने की मांग की है। सांझा मोर्चा ने कहा कि चालक एवं परिचालकों को

दिन-रात, रविवार, सरकारी अवकाश और त्योहारों पर भी अपनी ड्यूटी निभानी पड़ती है। ऐसे

में उनकी ट्रांसफर पॉलिसी सामान्य कार्यालयी कर्मचारियों की तर्ज पर नहीं बनाई जानी

चाहिए। उनकी वास्तविक कार्य परिस्थितियों और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए अलग

एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए।

मोर्चा ने कहा कि चालक की ड्यूटी सीधे यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी है। यदि

चालक एवं परिचालक लगातार परिवार से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहकर मानसिक एवं शारीरिक परेशानी

झेलता रहेगा तो उसका असर उसकी कार्यक्षमता और एकाग्रता पर पड़ सकता है। इसके विपरीत

गृह जिले अथवा नजदीकी डिपो में कार्यरत कर्मचारी समय पर ड्यूटी पर पहुंच सकेंगे और

अधिक ऊर्जा, एकाग्रता एवं जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं दे सकेंगे। इसका सीधा लाभ

रोडवेज की कार्यक्षमता, यात्री सुविधा और विभाग की आय पर भी पड़ेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर