home page

राजकीय स्कूलों में गूंजेगा ‘देश के रक्षकों को सलाम’

 | 

चंडीगढ़, 12 अगस्त (हि.स.)। 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राजकीय स्कूलों में विद्यार्थी देश के रक्षकों को सलाम करने और लेटर्स टू आवर सोल्जर्स वाल बनाएंगे। यही नहीं, स्वतंत्रता दिवस पर स्कूलों में विशेष सम्मान दिया जाएगा।

15 अगस्त पर स्कूलों में विद्यार्थी न केवल देश के वीर सैनिकों की वीर गाथाओं और बलिदान की कहानियों को जानेंगे, बल्कि सैनिक खुद बच्चों से संवाद करेंगे। सेकेंडरी शिक्षा महानिदेशक की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस के आयोजन को लेकर निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश के राजकीय स्कूलों में 15 अगस्त को ‘देश के रक्षकों को सलाम’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सभी राजकीय विद्यालयों में देश की रक्षा में योगदान देने वाले सैनिकों, शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों और उनके परिवारों को विशेष सम्मान दिया जाएगा।

शिक्षा विभाग की ओर से डीईओ और डीईईओ को हिदायत जारी की गई है कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में गांव, शहर और वार्ड के सभी स्वतंत्रता सेनानियों, शहीदों तथा कार्यरत एवं पूर्व सैनिकों को आमंत्रित किया जाएगा। स्कूलों में विद्यार्थियों को सैनिकों के साहस, बलिदान, देशभक्ति और राष्ट्र सेवा से परिचित कराने के साथ उनके सम्मान की भावना विकसित करने पर विशेष जोर रहेगा।

कार्यक्रम की तैयारियों की शुरुआत स्कूल स्तर पर स्कूल मैनेजमेंट कमेटी द्वारा की जाएगी। एसएमसी शिक्षकों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करेगी और अपने क्षेत्र के सभी भूतपूर्व सैनिकों, कार्यरत सैनिकों तथा स्वतंत्रता सेनानियों की सूची 12 अगस्त तक तैयार करेगी। इसके बाद कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के लिए अपने क्षेत्र के सबसे अधिक उम्र वाले भूतपूर्व सैनिक का चयन किया जाएगा तथा उन्हें 13 अगस्त तक निमंत्रण भेजा जाएगा।

विद्यार्थी अपने शिक्षकों की सहायता से गांव, शहर या वार्ड के सैनिकों, शहीदों के परिवारों, भूतपूर्व सैनिकों, कार्यरत सैनिकों और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग एवं बलिदान पर आधारित लेख, पेंटिंग और वीडियो तैयार करेंगे। इन्हें कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही विद्यालय स्तर पर ‘देश के रक्षकों को सलाम’ / ‘लेटर्स टू आवर सोल्जर्स’ वॉल भी बनाई जाएगी, जिस पर विद्यार्थी सैनिकों के नाम अपने संदेश लिखकर प्रदर्शित करेंगे।

15 अगस्त के कार्यक्रम में आमंत्रित सैनिकों और पूर्व सैनिकों को विद्यार्थियों से संवाद करने का अवसर दिया जाएगा। वे बच्चों को देशभक्ति की भावना, सेना में भर्ती होने के अवसर, सैनिकों के जीवन, देश के प्रति उनके दायित्व, अनुशासन और बलिदान की परंपरा के बारे में जानकारी देंगे।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा