home page

हिसार : गुरु जंभेश्वर महाराज की शिक्षाओं के अनुरूप चलकर युवाओं को रोजगार योग्य बना रही सरकार : नायब सैनी

 | 
हिसार : गुरु जंभेश्वर महाराज की शिक्षाओं के अनुरूप चलकर युवाओं को रोजगार योग्य बना रही सरकार : नायब सैनी


हिसार : गुरु जंभेश्वर महाराज की शिक्षाओं के अनुरूप चलकर युवाओं को रोजगार योग्य बना रही सरकार : नायब सैनी


मुख्यमंत्री ने नर्सिंग ब्लॉक का नाम विश्वविद्यालय

के संस्थापक स्व. चौ. भजनलाल के नाम पर रखने की घोषण की

मुख्यमंत्री ने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय

परिसर में 7 करोड़ 58 लाख रुपए के किए उदघाटन एवं शिलान्यास

हिसार, 12 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री नायब सिंह

सैनी ने कहा है कि गुरु जंभेश्वर महाराज की शिक्षाओं के अनुरूप राज्य सरकार का दृढ़

विश्वास है कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल उपाधियां या डिग्रियां बांटना नहीं है।

इसका उद्देश्य ऐसे चरित्रवान, संवेदनशील और जागरूक समाज का निर्माण करना है, जो तकनीकी

रूप से सक्षम होने के साथ-साथ अपनी संस्कृति और प्रकृति के प्रति भी पूरी तरह सजग हों।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को यहां के

गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित समारोह को सम्बोधित

कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने 7 करोड़ 58 लाख रुपए के उदघाटन एवं शिलान्यास किए, इनमें

6 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले कन्या छात्रावास का शिलान्यास, स्वास्थ्य सेवाओं

और चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय में 1.40 करोड़ रुपए

से बने नर्सिंग विभाग के भवन का उद्घाटन तथा 18 लाख रुपए की लागत से बने खेजड़ली महाबलिदान

स्मृति शिल्प एवं माता अमृता देवी सर्कल का लोकार्पण किया।

उन्होंने नर्सिंग ब्लॉक

का नाम विश्वविद्यालय के संस्थापक एवं पूर्व मुख्यमंत्री स्व. चौधरी भजनलाल के नाम

पर रखने की घोषणा की। उन्होंने गुरु जंभेश्वर महाराज और बिश्नोई समाज का विशेष उल्लेख

करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में प्रकृति का अस्तित्व बहुत महत्व रखता है, जिसका

प्रतिनिधित्व गुरु जंभेश्वर जी महाराज ने अपने जीवन और उपदेशों में किया। गुरु जंभेश्वर

की शिक्षाओं के अनुरूप ही डबल इंजन की सरकार प्रकृति के साथ संतुलन बैठाकर हरियाणा

को विकास की नई बुलंदियों पर ले जाने का काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सभ्यता का मूल

स्वर प्रकृति के साथ आत्मीय संबंध का रहा है। इसी महान परंपरा में पंद्रहवीं शताब्दी

में गुरु जंभेश्वर महाराज ने मरुस्थलीय प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण के लिए जो विचार-क्रांति

प्रारंभ की, वह अपने समय से कई शताब्दियां आगे की सोच थी। उस समय जब संसार के अधिकांश

भागों में प्रकृति को केवल संसाधन के रूप में देखा जाता था, तब गुरु जंभेश्वर महाराज

ने प्रकृति को जीवन का आधार, धर्म का अंग और लोक कल्याण का सर्वोच्च माध्यम घोषित किया।

नायब सिंह सैनी ने कहा कि गुरु जंभेश्वर महाराज

के द्वारा प्रतिपादित 29 नियम केवल किसी धार्मिक पंथ के अनुशासन नहीं हैं। ये नियम

मानव जीवन, पर्यावरण संतुलन, सामाजिक समरसता, जैव विविधता, पशु-करुणा, जल संरक्षण,

स्वच्छता, संयम और नैतिक जीवन के अमूल्य सिद्धांत हैं। ये नियम आज भी उतने ही प्रासंगिक

हैं, जितने पांच सौ वर्ष पहले थे।

समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री महीपाल

ढांडा ने कहा कि गुरु जंभेश्वर महाराज ने पर्यावरण को लेकर मुहिम चलाई। पर्यावरण के

संरक्षण के लिए लोगों ने अपना बलिदान तक दिया। इस मुहिम को जीवन में अमल करने और आगे

बढाने की आवश्यकता है तभी पर्यावरण चुनौती से निपटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय

ने शिक्षा एवं तकनीकी के क्षेत्र में भी अनेक रिकॉर्ड स्थापित किए हैं।

इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, विधायक

सावित्री जिंदल, विधायक रणधीर पनिहार, विनोद भयाना, मेयर प्रवीन पोपली, पूर्व सांसद

कुलदीप बिश्नोई, पूर्व मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, पूर्व विधायक दुड़ाराम, स्वामी डॉ. सचिदानन्द

आचार्य, आशा खेदड, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय

के कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर