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हिसार : रोडवेज सांझा मोर्चा ने बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को दिया समर्थन

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हिसार : रोडवेज सांझा मोर्चा ने बिजली कर्मचारियों के आंदोलन को दिया समर्थन


चार नवंबर तक मांगों पर परिपत्र जारी करने की मांगहिसार, 23 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा के आह्वान पर प्रदेशभर के डिपो में कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे। मोर्चा ने बिजली बोर्ड के निजीकरण के विरोध में आंदोलन कर रहे बिजली कर्मचारियों को समर्थन देते हुए रोडवेज कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी जताई। साथ ही, मांगों के समर्थन में 5 व 6 नवंबर को प्रदेशव्यापी दो दिवसीय सांकेतिक हड़ताल का नोटिस दिया।मोर्चा नेताओं ने कहा कि सरकार द्वारा बिजली बोर्ड के निजीकरण तथा गुरुग्राम और नूंह जैसे मुनाफे वाले जिलों में निजी कंपनी पावर-11 को 25 साल के लिए समानांतर लाइसेंस देने का फैसला जनहित के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सेवाओं के निजीकरण से कर्मचारियों के हित और आम जनता प्रभावित होंगे। बिजली क्षेत्र में निजीकरण से किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी पर असर पड़ने की आशंका है, जबकि रोडवेज में निजी परमिट से सरकारी परिवहन व्यवस्था और रोजगार के अवसर प्रभावित होंगे।सांझा संघर्ष समिति के वरिष्ठ सदस्य राजबीर दुहन, संदीप जैनावास, कर्मबीर मसूदपुर, बजरंग लाखा, पवन कनोह, अनूप श्योकद, जोगेंद्र पंघाल, जितेंद्र शर्मा, अरुण शर्मा, अमित जुगलान, अजय दुहन और नरेंद्र खरड़ ने बताया कि रोडवेज कर्मचारियों ने 5-6 सितंबर को हड़ताल का नोटिस दिया था। इसके बाद 8 सितंबर को परिवहन मंत्री के साथ बैठक में 12 प्रमुख मांगों पर सहमति बनी थी। एक माह के भीतर संबंधित परिपत्र जारी करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन डेढ़ माह बीतने के बावजूद परिपत्र जारी नहीं हुए।मोर्चा ने सरकार से चार नवंबर तक सहमति के अनुसार परिपत्र जारी करने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर पांच-छह नवंबर को प्रदेशभर में रोडवेज का चक्का जाम करने की चेतावनी दी गई। नेताओं ने कहा कि इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।मोर्चा ने निजी परमिट पर रोक, परिचालकों का पे-ग्रेड बढ़ाकर लिपिकों के समान तीन वेतन वृद्धि देने, वर्ष 2008 के वंचित परिचालकों की पदोन्नति तथा वर्ष 2016 में भर्ती चालकों को नियुक्ति तिथि से नियमित करने की मांग की। चालकों के लिए स्टैंड इंचार्ज का अलग पद और उच्च पे-ग्रेड, कर्मचारियों को पहले की तरह अर्जित अवकाश, वर्ष 2018 में भर्ती कर्मशाला कर्मचारियों की तकनीकी पदों पर पदोन्नति और बकाया बोनस का भुगतान भी प्रमुख मांगें हैं।इसके अलावा सहायकों के पद बढ़ाने, एसए के रिक्त पद पदोन्नति से भरने, उप-अधीक्षक के नए पद सृजित करने, सुपरिटेंडेंट की पदोन्नति अवधि 12 से घटाकर 5 वर्ष करने, चालक-परिचालक और कर्मशाला कर्मचारियों की नई भर्ती, वर्ष 2008 में भर्ती चालक-परिचालकों को विशेष वेतन वृद्धि तथा हेड कारपेंटर और हेड टायरमैन को एसएसआई पद पर पदोन्नति देने की मांग उठाई गई। मोर्चा ने चेतावनी दी कि मांगें लागू नहीं हुईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर