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यमुनानगर : गैस आपूर्ति पर कड़ी निगरानी, प्रशासन ने जताया भरोसा—घबराने की जरूरत नहीं

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यमुनानगर : गैस आपूर्ति पर कड़ी निगरानी, प्रशासन ने जताया भरोसा—घबराने की जरूरत नहीं


यमुनानगर, 17 मार्च (हि.स.)। यमुनानगर में घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर उत्पन्न आशंकाओं के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया है। उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित विशेष टीम के संदर्भ में अतिरिक्त उपायुक्त नवीन आहूजा और पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने मंगलवार काे जिला सचिवालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि जिले में घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसी प्रकार की कमी नहीं है।

प्रशासन ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और गैस एजेंसियों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं। बुकिंग की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए मोबाइल फोन और ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग करने पर विशेष जोर दिया गया है। वहीं अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि गैस वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए जिला स्तर पर आठ टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें गैस एजेंसियों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग को भी नियंत्रित करेंगी। आवश्यक सेवाओं जैसे अस्पताल, छात्रावास, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक अवसरों के लिए निर्धारित प्राथमिकता के आधार पर वाणिज्यिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। जिला खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नियंत्रक नितेश कुमार सिंगला ने कहा कि जमाखोरी रोकने के लिए सख्त प्रावधान लागू हैं। शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के अंतराल के बाद ही नई बुकिंग स्वीकार की जा रही है। बुकिंग के बाद 2 से 3 दिनों के भीतर गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। बिना सत्यापन के गैस बुकिंग स्वीकार नहीं की जाएगी। किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए उपभोक्ता संबंधित तेल कंपनियों के टोल फ्री नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने सभी नागरिकों से संयम बनाए रखने और सहयोग की अपील की है।

हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार