हिसार में दिनदहाड़े पेशी पर आए गैंगस्टर को गोलियों से भूना, दो साथी भी घायल
14 राउंड फायरिंग से कोर्ट परिसर में मची भगदड़,
भाग रहे हमलावरों में से एक को काणा के साथियों ने दबोचा
हिसार, 20 अगस्त (हि.स.)। हिसार कोर्ट परिसर में
गुरुवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब पेशी पर आए कुख्यात गैंगस्टर विनोद पानू उर्फ
काणा पर बाइक सवार दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। दिनदहाड़े हुई इस गैंगवार
में काणा की मौत हो गई, जबकि उसके दो साथी भी गोली लगने से घायल हुए हैं। वारदात के
दौरान करीब 14 राउंड फायरिंग होने की बात सामने आई है। गोलियों की आवाज सुनते ही कोर्ट
परिसर में भगदड़ मच गई। अधिवक्ता, पक्षकार और अन्य लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने
लगे।
पुलिस के मुताबिक हांसी जिले के थुराना निवासी
विनोद पानू उर्फ काणा गुरुवार दोपहर करीब दो बजे फॉर्च्यूनर गाड़ी से अपने साथियों
के साथ कोर्ट में पेशी के लिए पहुंचा था। उसने गाड़ी कोर्ट के पार्किंग एरिया में खड़ी
की और साथियों के साथ कोर्ट गेट की ओर बढ़ा। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे बाइक
सवार दो बदमाशों ने काणा को निशाना बनाते हुए अचानक गोलियां बरसा दीं। हमले में काणा
और उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।
फायरिंग के बाद दोनों हमलावर बाइक से भागने लगे,
लेकिन काणा के साथियों ने उनका पीछा किया। पार्किंग एरिया के पास उन्होंने एक हमलावर
को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं
और घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने विनोद पानू उर्फ काणा को मृत घोषित
कर दिया।
एएसपी मयंक मुदगिल ने बताया कि फायरिंग करने वाले
एक आरोपी को पकड़ लिया गया है। उसकी पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है। पुलिस दूसरे
हमलावर की तलाश के साथ-साथ वारदात के पीछे की वजह और इसमें शामिल अन्य लोगों का पता
लगाने में जुटी है।
कोर्ट की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
हिसार बार प्रधान प्रदीप बाजिया ने कोर्ट परिसर
में हुई फायरिंग को पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी विफलता बताया। उन्होंने
कहा कि कोर्ट परिसर में कड़ी सुरक्षा के दावे किए जाते हैं, इसके बावजूद बदमाश हथियार
लेकर पहुंचे और दिनदहाड़े गैंगस्टर पर गोलियां चला गए। उन्होंने कहा कि जब पुलिस को
गैंगवार की आशंका और दोनों पक्षों के कोर्ट में आने की जानकारी थी तो सुरक्षा व्यवस्था
को और पुख्ता क्यों नहीं किया गया। उन्होंने प्रदेश में लगातार सामने आ रही गैंगवार
की घटनाओं पर भी चिंता जताई।
काणा पर दर्ज थे 31 आपराधिक मामले
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विनोद पानू उर्फ
काणा पर करीब 31 आपराधिक मामले दर्ज थे। पुलिस के अनुसार दिल्ली-एनसीआर समेत कई इलाकों
में उसका आपराधिक प्रभाव था। सीआईए टीम ने उसे वर्ष 2017 में झज्जर के भड़ावास क्षेत्र
से गिरफ्तार किया था। उस समय उस पर सात लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने काणा
के साथ उसके सात साथियों को भी गिरफ्तार किया था। इनमें मकोका से फरार और पैरोल जंपर
मोस्टवांटेड अपराधी रेढ़ूवास निवासी धीरपालभी शामिल था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने
इनके कब्जे से दो रिवॉल्वर, एक कार्बाइन, दो 12 बोर की बंदूकें, तीन पिस्टल और बड़ी
संख्या में कारतूस बरामद किए थे। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह मंजीत गैंग के प्रदीप सोलंकी
की हत्या की साजिश में था।
विधायक के पीए के भतीजे की हत्या
में भी आया था नाम
विनोद पानू उर्फ काणा का नाम हिसार के चर्चित
संजय उर्फ बिट्टू शर्मा हत्याकांड में भी सामने आया था। पुलिस के अनुसार 24 जनवरी को
पुष्पा कॉम्प्लेक्स स्थित अपने कार्यालय में बैठे प्रॉपर्टी डीलर संजय उर्फ बिट्टू
शर्मा की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय उनके साथ लाडवा निवासी पार्टनर सतेंद्र
पूनिया भी मौजूद थे। आरोप था कि इस हत्याकांड को विनोद पानू उर्फ काणा और उसके साथियों
ने अंजाम दिया था। संजय शर्मा के चाचा ललित शर्मा, हिसार की मौजूदा विधायक सावित्री
जिंदल के पीए हैं। कोर्ट परिसर में हुई इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने सुरक्षा
व्यवस्था बढ़ा दी है। पुलिस दूसरे हमलावर की तलाश के साथ यह भी पता लगाने में जुटी
है कि काणा की हत्या के पीछे किस गैंग की भूमिका है और इस वारदात की पूरी साजिश किसने
रची।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

