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हिसार : बरवाला सिविल अस्पताल की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ जनसंगठनों का मोर्चा

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हिसार : बरवाला सिविल अस्पताल की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ जनसंगठनों का मोर्चा


खाली पद भरने, एक्स-रे व जांच सुविधाएं शुरू करने

की मांग

15 दिन में सुधार नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन धरने

की चेतावनी

हिसार, 07 अक्टूबर (हि.स.)। शहर के सिविल अस्पताल

में डॉक्टरों व अन्य स्टाफ की कमी, जांच सुविधाओं के अभाव और मरीजों को बार-बार रेफर

किए जाने के मुद्दे पर सद्भावना समिति सहित विभिन्न जनसंगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।

किसान रेस्ट हाउस में बुधवार को रोहतास राजली, राजेश श्योंकद और बसाऊराम बरवाला की

संयुक्त अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक का संचालन सरदानंद राजली ने किया। इसके बाद संगठनों

ने एसडीएम बरवाला को ज्ञापन सौंपकर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में तत्काल सुधार की

मांग की।

जनसंगठनों ने कहा कि बरवाला सिविल अस्पताल आसपास

के गांवों सहित बड़ी आबादी के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है, लेकिन पर्याप्त

डॉक्टरों, स्टाफ और जांच सुविधाओं के अभाव में मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

सामान्य उपचार के लिए आने वाले मरीजों को भी हिसार, अग्रोहा या अन्य अस्पतालों में

रेफर किए जाने से गरीब और आम परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। ज्ञापन के माध्यम से अस्पताल में खाली पड़े मेडिकल

ऑफिसर और फार्मासिस्ट के सभी स्वीकृत पद तत्काल भरने की मांग की गई। इसके अलावा लंबे

समय से बंद पड़ी एक्स-रे मशीन को चालू करवाने तथा लैब किट सहित आवश्यक जांच सुविधाएं

उपलब्ध करवाने की मांग उठाई गई।

नए भवन के निर्माण तक अस्थायी भवन में भी सेवाएं

जारी रखने की मांग

संगठनों ने मांग की कि नए भवन का निर्माण पूरा

होने तक अस्थायी भवन में भी सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध रूप से जारी रखी जाएं।

अस्पताल के निर्माण कार्य के कारण मरीजों को मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित नहीं

किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के भीतर अस्पताल में आवश्यक सुविधाएं

उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो सिविल अस्पताल के मुख्य गेट के सामने

अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।

15 साल से बने पशु अस्पताल में डॉक्टर नहीं

बैठक में ढाणी खान बहादुर स्थित पशु अस्पताल का

मुद्दा भी उठाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 15 साल पहले बने पशु अस्पताल में

अभी तक डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हुई है। ग्रामीणों ने भी 15 दिन का अल्टीमेटम देते

हुए समस्या का समाधान नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी। सद्भावना

समिति एवं जनसंगठनों ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में शीघ्र ठोस सुधार नहीं

हुआ तो जनहित के इन मुद्दों को लेकर व्यापक स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। बैठक में राजसिंह बौद्ध, सीताराम, मास्टर देशराज,

प्रतीक बरवाला, राजेश सरसौद, ऋषिकेश राजली, डॉ. करतार सिंह, दिलबाग सिंह, परमानंद,

मुकेश गर्ग, राजेन्द्र खुराना, बाबूलाल, कामरेड मोहनलाल, विजय कुमार, पंकज मेहरा, निर्मल

सिंह, कृष्ण कुमार, काला राम, रोशन लाल और जगदीश सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर