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नायब सरकार की सख्ती : आईएएस से ग्रुप-डी कर्मियों के विदेशी दौरों की होगी पड़ताल

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-मंजूरी व्यवस्था में बदलाव, अब मुख्य सचिव की जांच के बिना सीएम तक नहीं पहुंचेगी फाइल

-अध्ययन, ट्रेनिंग और कॉन्फ्रेंस के विदेशी दौरों पर भी लागू होंगे नए नियम

चंडीगढ़, 30 अक्टूबर (हि.स.)। नायब सरकार ने सरकारी कर्मियों के विदेशी दौरों को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब आईएएस से लेकर ग्रुप-डी के कर्मियों के विदेशी दौरों की पड़ताल होगी। विदेशी दौरों की फाइल अब सीधी मुख्यमंत्री के पास नहीं पहुंचेंगी, बल्कि मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से पात्रता, यात्रा की आवृत्ति, दौरे की जरूरत और बजट प्रावधानों की पड़ताल की जाएगी। इसके बाद ही प्रस्ताव अंतिम निर्णय के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

दरअसल, सरकार के संज्ञान में आया था कि विभिन्न विभागों की ओर से आधिकारिक विदेशी प्रतिनिधिमंडलों और विदेश यात्राओं के प्रस्ताव सीधे मुख्यमंत्री के पास भेजे जा रहे हैं। इससे प्रशासनिक स्तर पर समुचित निगरानी, संबंधित सेवा नियमों के अनुपालन और वित्तीय पहलुओं की विस्तृत जांच सुनिश्चित करने में कठिनाई हो रही थी। इसी व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और प्रस्तावों की व्यापक प्रशासनिक समीक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

सरकार की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि विदेश यात्रा के किसी भी प्रस्ताव को केवल कैडर संबंधी अनापत्ति या पात्रता की मंजूरी तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि प्रत्येक मामले की समग्र जांच की जाएगी। मुख्य सचिव कार्यालय यह भी देखेगा कि संबंधित अधिकारी या कर्मचारी विदेश यात्रा के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र है या नहीं, वह पहले कितनी बार विदेश यात्रा कर चुका है, प्रस्तावित दौरा प्रशासनिक दृष्टि से कितना आवश्यक है और इसके लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान उपलब्ध हैं या नहीं।

सीएम के पास जाने से पहले होगी पूरी पड़ताल

नए निर्देशों के अनुसार, किसी भी अधिकारी या कर्मचारी का विदेश दौरा प्रस्ताव सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को नहीं भेजा जाएगा। इसी तरह मुख्य सचिव कार्यालय से केवल कैडर क्लीयरेंस प्राप्त करके प्रस्ताव को आगे बढ़ाना भी पर्याप्त नहीं होगा। प्रत्येक प्रस्ताव की मुख्य सचिव कार्यालय में प्रारंभिक स्तर पर पूरी जांच की जाएगी। इसके बाद ही उसे मुख्यमंत्री के समक्ष अंतिम आदेशों के लिए रखा जाएगा। सरकार ने इस प्रक्रिया को व्यापक दायरे में लागू किया है। इसके तहत हरियाणा सरकार के ग्रुप-ए, बी, सी और डी के अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल होंगे। इन निर्देशों के दायरे में केवल आधिकारिक विदेश यात्राएं ही नहीं, बल्कि अध्ययन दौरे, प्रशिक्षण कार्यक्रम, आधिकारिक बैठकें, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और विदेशों में आयोजित सेमिनार भी शामिल किए गए हैं। यानी किसी भी प्रकार के आधिकारिक विदेशी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रस्ताव भेजने से पहले मुख्य सचिव कार्यालय की प्रारंभिक जांच अनिवार्य होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा