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नूंह में आर्बिटल रेल कॉरिडोर टनल की जमीन फिर धंसी, ग्रामीणों में दहशत

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नूंह में आर्बिटल रेल कॉरिडोर टनल की जमीन फिर धंसी, ग्रामीणों में दहशत


नूंह, 11 अक्टूबर (हि.स.)। नूंह जिले के तावडू उपमंडल के गांव सेहसोला में निर्माणाधीन ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर की टनल में शनिवार देर रात एक बार फिर जमीन धंसने की घटना सामने आई। करीब 300 मीटर के दायरे में जमीन धंसने से आसपास के क्षेत्र में लंबी दरारें पड़ गईं। घटना में निर्माणाधीन सरकारी भवन और एक मकान को भारी नुकसान पहुंचने की जानकारी है, जबकि आसपास के तीन-चार अन्य मकानों में भी दरारें आ गईं। बार-बार जमीन धंसने की घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और निर्माण कार्य में सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

शहजाद सरपंच सेहसोला,सलीम सेहसोला,मोहम्मद आरिफ, अबसीर,मुबिन खान सेहसोला सहित ग्रामीणों के अनुसार, शनिवार रात करीब 10 बजे खेत में मौजूद बच्चों ने अचानक तेज आवाज सुनी। इसके कुछ ही देर बाद जमीन में लंबी दरारें पड़ने लगीं और मिट्टी तेजी से नीचे धंस गई। ग्रामीणों का दावा है कि करीब एक एकड़ जमीन टनल में समा गई। घटना की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।

पांच दिन पहले भी धंसा था टनल का हिस्सा

ग्रामीणों ने बताया कि करीब पांच दिन पहले भी टनल का लगभग 20 मीटर हिस्सा धंस गया था। इसके बावजूद दोबारा जमीन धंसने की घटना सामने आने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने निर्माण कंपनी पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि घटना के समय टनल के अंदर मजदूर काम कर रहे हो सकते थे। ऐसे में उनके मलबे में फंसे होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, टनल के अंदर किसी मजदूर के फंसे होने या हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

एसआई अशोक कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। एहतियात के तौर पर घटनास्थल पर पुलिस बल तैनात किया गया है और ग्रामीणों को प्रभावित क्षेत्र से दूर रहने के लिए कहा जा रहा है। प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

एचआरआईडीसी के अधिकारी नरेंद्र चुंबल ने बताया कि अरावली क्षेत्र में करीब 4.7 किलोमीटर लंबी टनल का निर्माण किया जा रहा है। इसमें 2.3 किलोमीटर हिस्से में एनएटीएम (न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड) तकनीक से काम चल रहा था। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का निर्माण कार्य रेल विकास निगम द्वारा कराया जा रहा है। टनल के अन्य हिस्सों का काम पूरा हो चुका था और अंतिम चरण का कार्य शेष था, इसी दौरान यह घटना हुई।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया