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फतेहाबाद में फायर ब्रिगेड कर्मियों की हड़ताल से अग्नि सुरक्षा प्रबंध भगवान भरोसे

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फतेहाबाद में फायर ब्रिगेड कर्मियों की हड़ताल से अग्नि सुरक्षा प्रबंध भगवान भरोसे


फतेहाबाद, 03 मई (हि.स.)। अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की 26 दिन से चली आ रही हड़ताल के कारण जिला में अग्नि सुरक्षा प्रबंध राम भरोसे ही रह गए है। जिला मुख्यालय में कुल 30 में से 26 कर्मचारी हड़ताल पर चल रहे है। आगजनी की घटना से बचाव का काम अप्रशिक्षित होमगार्ड और आईटीआई के छात्र वालंटियर संभाल रहे है।

हालांकि अभी तक आगजनी की कोई बड़ी घटना नहीं घटी लेकिन हड़ताल के कारण , फसल कटाई के सीजन में हर समय बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने के बाद जिला प्रशासन ने इंतजाम के नाम पर फतेहाबाद अग्निशमन विभाग करीब एक दर्जन होमगार्ड और वालंटियर उपलब्ध करवाए हैं। फायर ब्रिगेड की कुल 4 गाड़ियों में उपलब्ध स्टाफ व होमगार्ड वालंटियर सिर्फ दो गाड़ियों का ही संचालन कर पा रहे है।

ईश्वर की कृपया से इस बार पहले की तुलना में आगजनी की कम और बेहद छोटी घटनाएं हुई है। जिससे फिलहाल बचाव की स्थिति है। मिली जानकारी के अनुसार गत सप्ताह फतेहाबाद के आसपास के 4 गांवो बनगांव, बीघड़, भोड़िया के खेतों में आगजनी की घटनाएं घटित हुई।

फतेहाबाद में सिर्फ एक अग्निशमन गाड़ी का स्टाफ उपलब्ध था जोकि अयाल्की गांव रवाना हो गया।

दूसरे गांव बीघड़ के लिए भूना से गाड़ी मंगवानी पड़ी जबकि बड़गांव और भोड़िया में किसानों ने खुद कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। वर्तमान मैं स्थिति यहां तक बनी हुई की आगजनी की घटना होने पर बचाव के लिए लोगो विशेषकर किसानों को खुद मोर्चा संभालना पड़ रहा है।

कर्मचारी नेता विनोद खीचड़ के अनुसार सरकार की हठधर्मिता के कारण इस बार हड़ताल लंबी खींचती चली जा रही है। इससे पहले सन 2018 में 16 दिन और सन 2022 में मात्र 10 दिन में हड़ताल समाप्त हो गई थी। उन्होंने कहा फायर कर्मी हड़ताल पर जाने के कतई इच्छुक नहीं है बशर्ते सरकार उनकी मांगों पर गम्भीरता दिखाए।

इस संबंध में डिप्टी फायर ऑफिसर प्रदीप अहरवाल से कई बार संपर्क किया गया तो उन्होंने अपना मोबाइल नहीं उठाया। ऑफिस में संपर्क करने पर बताया गया साहब छुट्टी पर है। स्टाफ कमी और आगजनी की घटनाओं की संभावना के बावजूद एक मात्र अधिकारी के छुट्टी पर चले जाने से फतेहाबाद का अग्निशमन विभाग राम भरोसे ही रह गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अर्जुन जग्गा