मतदाता सूची पर दावे-आपत्तियों के निपटारे की समय सीमा 20 नवंबर तक बढ़ी : अखिल पिलानी
नूंह, 30 अक्टूबर (हि.स.)। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने दावे-आपत्तियों और नोटिसों के निपटारे की समयसीमा बढ़ा दी है। अब संबंधित मामलों का निपटारा 20 नवंबर 2026 तक किया जा सकेगा। वहीं, मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 30 नवंबर 2026 को होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अखिल पिलानी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि पहले दावे-आपत्तियों के निपटारे की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर निर्धारित की गई थी।
उपायुक्त ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान पिछले गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से मिलान नहीं होने और मिलान प्रक्रिया में विसंगतियां सामने आने पर संबंधित मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज जमा करवाने के लिए नोटिस जारी किए गए थे। इन आवेदनों और नोटिसों का निपटारा 28 अक्टूबर तक किया जाना था, लेकिन कुछ मामलों में निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों द्वारा निर्णय लिया जाना शेष था। इसके अलावा सुनवाई के लिए जारी नोटिसों और अन्य संबंधित मामलों का निपटारा भी लंबित था।
उन्होंने बताया कि मतदाताओं को राहत देने और पुनरीक्षण प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग ने नोटिसों, दावे-आपत्तियों पर निर्णय और उनके निपटारे की समयसीमा 20 नवंबर तक बढ़ा दी है। इसके साथ ही मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि भी बढ़ाकर 30 नवंबर 2026 कर दी गई है।
अखिल पिलानी ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में राजनीतिक दलों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न दलों की ओर से बड़ी संख्या में बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए गए हैं। बीएलए के माध्यम से पुनरीक्षण कार्य में सहयोग मिलेगा। इससे पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल करने और दर्ज त्रुटियों को दूर करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी लंबित मामलों का निपटारा सुनिश्चित करने को कहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया

