सोनीपत में खाद बीज विक्रेताओं का बंद, मांगे पूरी नहीं होने पर आंदोलन
सोनीपत, 27 अप्रैल (हि.स.)। खाद,
बीज और कीटनाशक विक्रेताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक
बंद रखा। सुबह से दोपहर दो बजे तक जिले भर में दुकानों को बंद रखकर सरकार और प्रशासन
का ध्यान समस्याओं की ओर खींचा गया। यह बंद शांतिपूर्ण रहा और इस दौरान किसी भी प्रकार
की बिक्री नहीं की गई।
जिला
फर्टिलाइजर, पेस्टीसाइड एंड सीड्स एसोसिएशन के प्रधान संजय सिंगला ने सोमवार को बताया कि पिछले
कई वर्षों से विक्रेताओं पर आर्थिक और प्रशासनिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना
है कि यूरिया और डीएपी जैसे अनुदानित उर्वरकों के साथ गैर जरूरी उत्पादों की जबरन टैगिंग
की जा रही है, जिससे दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने इस व्यवस्था
को तुरंत खत्म करने और उर्वरकों पर डीलर मार्जिन बढ़ाने की मांग की।
विक्रेताओं
ने कहा कि सभी उर्वरक दुकानों तक सामग्री एफओआर (फ्री ऑन रेल या रोड) आधार पर पहुंचाई
जाए, ताकि परिवहन का अतिरिक्त बोझ कम हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि सीलबंद उत्पाद
बेचने वाले दुकानदारों को सैंपल फेल होने की स्थिति में जिम्मेदार ठहराना गलत है, क्योंकि
उत्पाद निर्माता कंपनी द्वारा पैक किया जाता है। ऐसे मामलों में जिम्मेदारी निर्माता
कंपनियों की तय की जानी चाहिए। साथी पोर्टल को लेकर भी नाराजगी जताई गई। विक्रेताओं
का कहना है कि इसकी अनिवार्यता केवल निर्माता कंपनियों तक सीमित रखी जाए। इसके अलावा
दुकानों पर होने वाली सैंपलिंग को छापा कहने के बजाय निरीक्षण कहा जाए, ताकि व्यापारियों
की छवि खराब न हो।
राई
ब्लॉक में भी दुकानदारों ने धरना दिया। ब्लॉक प्रधान राजकुमार के नेतृत्व में कई दुकानदार
शामिल हुए। एसोसिएशन के महासचिव सतीश कुमार गुप्ता, शशि नागपाल, तरुण खत्री, यशपाल,
संत कुमार, मुकेश, अमित बंसल, नरेंद्र लकड़ा, दिलबाग मलिक, वीरेंद्र और प्रदीप सोलंकी
मौजूद रहे। विक्रेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को बड़े
स्तर पर बढ़ाया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना

