फरीदाबाद में पढ़ाई छोड़ बाल्टी से पानी निकालने को मजबूर शिक्षक
दो दिनों से जारी बरसात के चलते सरकारी स्कूलों में भरा पानी
फरीदाबाद, 09 जुलाई (हि.स.)। मानसून की पहली वर्षा में ही सरकारी स्कूलों की स्थिति खराब नजर आ रही है। कक्षा से लेकर स्कूल परिसर, कंप्यूटर लैब और स्टाफ रूप में जलभराव हो गया है। जिससे कक्षाएं तो प्रभावित हो रही हैं, विद्यार्थियों और अध्यापकों को परेशानी भी झेलनी पड़ रही है। हालात यह हैं कि अध्यापक कक्षाओं में भरा वर्षा का पानी बाल्टी की सहायता से निकाल रहे हैं। बुधवार और गुरुवार को हुई वर्षा के कारण राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बुढ़ैना, राजकीय उच्च विद्यालय मच्छगर, राजकीय विद्यालय खेड़ी कला और लढोली में ज्यादा खराब स्थिति देखने को मिली है। अध्यापक अध्यापन का कार्य छोडक़र कक्षाओं से बाल्टी की सहायता से पानी निकाल रहे हैं। यह स्थिति सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को सभी सुविधाएं देने का दावा करने वाली सरकार और शिक्षा विभाग को आईना दिखा रही है। अध्यापकों का आरोप है कि हर वर्ष मानसून स्कूलों में इसी प्रकार जलभराव हो जाता है। अध्यापकों ने बताया कि जिले के कई सरकारी स्कूल जर्जर और कंडम घोषित भवन में संचालित हो रहे हैं। लगातार हो रही वर्षा कारण छत भी टपक रही है। जर्जर भवन में हादसे का खतरा बना हुआ है। शिक्षा विभाग से कई बार भवन की मरम्मत की मांग की गई है लेकिन सुनवाई नहीं की जाती है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी डा. अंशु सिंगला का कहना है कि कुछ स्कूलों में जलभराव की स्थिति हो गई है। मुख्य अध्यापकों ने इसकी सूचना विभाग को दी है। नगर निगम से इसकी शिकायत की गई है स्कूलों में मशीन लगवाई जा रही हैं। जल्द स्थिति सामान्य हो जाएगी। जर्जर भवनों की पहचान की गई है, जरूरत अनुसार मरम्मत और निर्माण कार्य कराया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर

