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फरीदाबाद : नगर निगम के एसडीओ-जेडटीओ के खिलाफ वारंट जारी

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फरीदाबाद, 19 जुलाई (हि.स.)। सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराने और राज्य सूचना आयोग द्वारा बार-बार जारी किए गए नोटिसों की अनदेखी करना नगर निगम के दो अधिकारियों को भारी पड़ गया। हरियाणा राज्य सूचना आयोग ने फरीदाबाद नगर निगम के बल्लभगढ़ जोन के जोनल टैक्सेशन ऑफिसर (जेडटीओ) और एसडीओ विनोद कुमार के खिलाफ वारंट जारी कर उन्हें 27 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष पेश होने के आदेश दिए हैं। राज्य सूचना आयोग ने दोनों अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर को भी पत्र लिखा है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि दोनों अधिकारी कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के साथ-साथ मामले से संबंधित पूरा रिकॉर्ड भी आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें। यदि निर्धारित तिथि पर वे उपस्थित नहीं होते हैं, तो आयोग उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर मामले का फैसला करेगा। यह मामला वर्ष 2022 में बल्लभगढ़ जोन में नगर निगम द्वारा किए गए बूथ आवंटन से जुड़ा है। आरटीआई एक्टिविस्ट अजय सैनी ने सूचना के अधिकार के तहत आवेदन देकर पूछा था कि बूथों का आवंटन किन नियमों और मानकों के आधार पर किया गया। इसके अलावा आवंटन प्रक्रिया से जुड़े अन्य दस्तावेज और जानकारियां भी मांगी गई थी। आरोप है कि नगर निगम ने निर्धारित समय सीमा में कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई। इसके बाद प्रथम अपील की गई, लेकिन वहां भी जानकारी नहीं मिली। इसके बाद मामला हरियाणा राज्य सूचना आयोग तक पहुंचा। आयोग ने दोनों अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर को भी पत्र जारी किया है। राज्य सूचना आयोग ने मामले की सुनवाई के दौरान संबंधित अधिकारियों को तीन बार नोटिस जारी किए, लेकिन अधिकारियों ने न तो आयोग को जवाब दिया और न ही सुनवाई में आवश्यक रिकॉर्ड प्रस्तुत किया। आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए दोनों अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया। आरटीआई एक्टिविस्ट अजय सैनी का कहना है कि नगर निगम लगातार सूचना देने से बचता रहा। उन्होंने कहा कि बूथ आवंटन से संबंधित जानकारी मांगी गई थी, लेकिन आवेदन और अपील दोनों के बावजूद कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई।

हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर