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फरीदाबाद : सूरजकुंड दिवाली मेले में आकर्षण का केंद्र बनीं भगवान की सुंदर एवं कलात्मक मूर्तियां

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फरीदाबाद : सूरजकुंड दिवाली मेले में आकर्षण का केंद्र बनीं भगवान की सुंदर एवं कलात्मक मूर्तियां


भगवान गणेश, राधा-कृष्ण, राम परिवार, शिवाजी और महात्मा बुद्ध की मूर्तियों की खूब हो रही खरीदारी

फरीदाबाद, 25 अक्टूबर (हि.स.)। सूरजकुंड परिसर में आयोजित तृतीय सूरजकुंड दिवाली मेला-2026 में विभिन्न डिजाइनों और आकर्षक आकारों में तैयार की गई भगवान की मूर्तियां पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। मेले में भगवान गणेश, राधा-कृष्ण, राम परिवार, शिवजी तथा महात्मा बुद्ध सहित विभिन्न महापुरुषों और देवी-देवताओं की कलात्मक मूर्तियां लोगों को खूब पसंद आ रही हैं। पर्यटक इन मूर्तियों की खरीदारी कर रहे हैं और शिल्पकारों की कलात्मक प्रतिभा की सराहना कर रहे हैं। मेले में प्रदर्शित मूर्तियां अपनी सुंदर बनावट, बारीक कारीगरी और आकर्षक डिजाइन के कारण विशेष पहचान बना रही हैं। दिवाली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए लोग अपने घरों और पूजा स्थलों की सजावट के लिए भगवान गणेश सहित अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। वहीं, राधा-कृष्ण, राम परिवार, शिवजी और महात्मा बुद्ध की मूर्तियां भी अपनी कलात्मक विशेषताओं के चलते पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। मूर्तियों को तैयार करने वाले कारीगरों के अनुसार इन कलाकृतियों को आकार देने और अंतिम रूप प्रदान करने में काफी बारीकी, समय और मेहनत की आवश्यकता होती है। मूर्तियों की बनावट, चेहरे के भाव, वस्त्रों की सज्जा और अन्य सूक्ष्म विवरणों पर विशेष ध्यान दिया जाता है। शिल्पकार अपनी कला और अनुभव के माध्यम से प्रत्येक मूर्ति को आकर्षक स्वरूप प्रदान करते हैं। सूरजकुंड जैसे बड़े मंच पर अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने से शिल्पकारों और कलाकारों को अपनी कला को व्यापक पहचान दिलाने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजनों से पारंपरिक हस्तशिल्प को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ कारीगरों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होते हैं। मेले में पर्यटकों की रुचि शिल्पकारों का उत्साह बढ़ा रही है। सूरजकुंड दिवाली मेले में देवी-देवताओं और महापुरुषों की सुंदर मूर्तियां भारतीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत कर रही हैं। इन मूर्तियों की खरीदारी के प्रति पर्यटकों की रुचि से शिल्पकारों को प्रोत्साहन मिल रहा है। मेले में कलात्मक उत्पादों की यह विविधता आगंतुकों को खरीदारी के साथ-साथ भारतीय शिल्प परंपरा को करीब से जानने का अवसर भी प्रदान कर रही है।

कलात्मक घडिय़ां, घर और कार्यालय की सजावट के लिए खूब हो रही खरीदारी

सूरजकुंड दिवाली मेला-2026 में जहां बुनकरों और शिल्पकारों की कलाकृतियां तथा पारंपरिक परिधान पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं, वहीं घरों और कार्यालयों की दीवारों की शोभा बढ़ाने वाली आकर्षक घडिय़ां भी लोगों की पसंद बनी हुई हैं। मेले में विभिन्न आकारों, डिजाइनों और कलात्मक स्वरूपों में उपलब्ध घडिय़ों को देखने और खरीदने के लिए पर्यटक स्टॉलों पर पहुंच रहे हैं। मेले में प्रदर्शित घडिय़ां अपनी आकर्षक बनावट और विविध डिजाइनों के कारण लोगों का ध्यान खींच रही हैं। घर की सजावट से लेकर कार्यालयों की दीवारों को सुंदर बनाने तक, इन घडिय़ों को उपयोगी और सजावटी वस्तु के रूप में पसंद किया जा रहा है। पर्यटक अपनी पसंद और आवश्यकता के अनुसार विभिन्न डिजाइन वाली घडिय़ों का चयन कर रहे हैं। दिवाली के अवसर पर घरों को नया रूप देने और सजावट को खास बनाने के लिए भी ऐसी वस्तुओं की मांग रहती है। सूरजकुंड दिवाली मेले में हस्तनिर्मित और सजावटी उत्पादों की विविधता पर्यटकों को खरीदारी के कई विकल्प उपलब्ध करा रही है। बुनकरों और शिल्पकारों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद भारतीय कला एवं शिल्प परंपरा की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करते हैं। वहीं, सजावटी घडिय़ों जैसे उपयोगी उत्पाद मेले के बाजार को और विविधता प्रदान कर रहे हैं। मेले में विभिन्न स्टॉलों पर उपलब्ध उत्पाद न केवल पर्यटकों को खरीदारी का अनुभव प्रदान कर रहे हैं, बल्कि कलाकारों और शिल्पकारों की रचनात्मकता को भी सामने ला रहे हैं। ऐसे आयोजनों से पारंपरिक कला को प्रोत्साहन मिलने के साथ शिल्पकारों की आजीविका को मजबूत करने के अवसर भी मिलते हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर