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फरीदाबाद : दिवाली मेले की मुख्य चौपाल पर पंजाबी और हरियाणवी गीतों की धूम

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फरीदाबाद : दिवाली मेले की मुख्य चौपाल पर पंजाबी और हरियाणवी गीतों की धूम


लोक कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों से झूम उठे पर्यटक

फरीदाबाद, 25 अक्टूबर (हि.स.)। तृतीय सूरजकुंड दिवाली मेला-2026 में मुख्य चौपाल पर लोक कलाकार पंजाबी और हरियाणवी गीतों से धमाल मचा रहे हैं। कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियां मेले में आने वाले पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। लोकगीतों की मधुर धुनों और जोशीली प्रस्तुतियों से मेले का माहौल उत्साह और उमंग से भर रहा है। वहीं कलाकार कुलदीप द्वारा अभिनेता एवं गायक किशोर कुमार के गाने गाकर उनकी यादों से दर्शकों को जोडऩे का काम किया। मेले में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम पर्यटकों के मनोरंजन के साथ उन्हें देश की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं से जुडऩे का अवसर भी प्रदान कर रहे हैं। मुख्य चौपाल पर कलाकार अपनी गायकी और प्रस्तुतियों के माध्यम से हरियाणा और पंजाब की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर रहे हैं। पर्यटक इन प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद ले रहे हैं और कलाकारों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं। लोक कलाकारों ने उन्हें इतना बड़ा मंच उपलब्ध करवाने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सूरजकुंड दिवाली मेला जैसे आयोजन कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने और लोक संस्कृति को व्यापक पहचान दिलाने का बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं।सांस्कृतिक कार्यक्रम मेले की रौनक बढ़ाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोडऩे में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

फूड कोर्ट में हरियाणवी स्वाद और देशभर के लजीज व्यंजनों का संगम

तृतीय सूरजकुंड दिवाली मेला-2026 में खरीदारी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ फूड कोर्ट भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मेले में आने वाले लोग विभिन्न प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेकर अपने भ्रमण को यादगार बना रहे हैं। फूड कोर्ट में मक्के की रोटी, सरसों का साग, डोसा, छोले-भटूरे और चटपटे गोलगप्पे जैसे लोकप्रिय व्यंजन पर्यटकों को खूब पसंद आ रहे हैं। मेले के फूड कोर्ट में देश के अलग-अलग क्षेत्रों के खानपान की विविधता देखने को मिल रही है। हरियाणा के पारंपरिक व्यंजनों से लेकर दक्षिण भारतीय स्वाद और उत्तर भारतीय चटपटे पकवानों तक, यहां पर्यटकों को अपनी पसंद के अनुसार कई विकल्प मिल रहे हैं। मक्के की रोटी और सरसों का साग जहां हरियाणवी एवं उत्तर भारतीय खानपान की पारंपरिक पहचान को सामने लाते हैं, वहीं डोसा और छोले-भटूरे लोगों की पसंद में शामिल हैं। गोलगप्पों का चटपटा स्वाद भी बच्चों से लेकर बड़ों तक को आकर्षित कर रहा है। फूड कोर्ट में परिवार और दोस्तों के साथ पहुंचे पर्यटक मेले की सैर के दौरान विभिन्न व्यंजनों का स्वाद ले रहे हैं। रंग-बिरंगे स्टॉल, पकवानों की खुशबू और खानपान की विविधता मेले के उत्सवी माहौल को और खास बना रही है। पर्यटकों के लिए फूड कोर्ट खरीदारी और सांस्कृतिक गतिविधियों के बीच कुछ समय रुककर स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेने का अवसर प्रदान कर रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर