फरीदाबाद : यूनिवर्सिटी में छात्र से रैगिंग, सीनियरों पर मारपीट के आरोप
फरीदाबाद, 08 नवंबर (हि.स.)। फरीदाबाद में दिल्ली ब्लास्ट के बाद चर्चा में आई अलफलाह यूनिवर्सिटी एक बार फिर विवादों में है। इस बार एमबीबीएस फस्ट ईयर के एक छात्र ने सीनियर छात्रों पर रैगिंग करने, धमकाने और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। छात्र का कहना है कि उसने कॉलेज प्रबंधन और राष्ट्रीय एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर शिकायत की, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। छात्र ने अब पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। मामले को लेकर छात्र का करीब 46 मिनट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो 2 सप्ताह पहले सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया है। जिसमें उसने कॉलेज प्रबंधन पर भी कई सवाल उठाए हैं। छात्र ने अलग-अलग मीडिया संस्थानों को ई-मेल भेजकर अपने साथ हुई घटनाओं की जानकारी दी है। हालांकि दैनिक भास्कर ऐप इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है। छात्र के मुताबिक, 12 से 15 अक्टूबर के बीच सीनियर छात्रों ने उसे कई बार परेशान किया। आरोप है कि उसे धमकाया गया और दूसरे छात्रों के बीच घेरकर दबाव बनाया गया। इसके बाद उसने राष्ट्रीय एंटी रैगिंग हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। छात्र का दावा है कि शिकायत करने के बाद उस पर इसे वापस लेने का दबाव बनाया गया। उसे डर दिखाया गया कि ऐसा नहीं करने पर उसका रिजल्ट और भविष्य प्रभावित हो सकता है। दबाव में आकर उसे अपनी शिकायत वापस लेनी पड़ी। छात्र का आरोप है कि शिकायत वापस लेने के बाद भी उसे राहत नहीं मिली। 21 अक्टूबर को सीनियर छात्रों ने फिर उसके साथ दुव्र्यवहार किया। इस दौरान उसकी गर्दन पकडऩे का भी आरोप लगाया गया है। छात्र का दावा है कि इस घटना की सीसीटीवी फुटेज कॉलेज में उपलब्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की गई। छात्र ने अपनी पुलिस शिकायत की कॉपी, 14 और 15 अक्टूबर की ऑडियो रिकॉर्डिंग, एंटी रैगिंग हेल्पलाइन का रिकॉर्ड और कॉलेज अधिकारियों को भेजे गए वॉट्सऐप संदेशों के स्क्रीनशॉट उपलब्ध होने का दावा किया है। इन सबूतों के आधार पर उसने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। धौज थाना प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ओर से पुलिस को सूचना दी गई थी कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो चुका है और कोई भी पक्ष कार्रवाई नहीं चाहता। थाना प्रभारी ने कहा कि पीडि़त छात्र की ओर से थाने में कोई शिकायत मिलने की जानकारी उनके पास नहीं है।
हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर

