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फरीदाबाद : पुलिस प्रताडऩा से तंग व्यक्ति ने दी जान, परिजनों ने किया हंगामा

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फरीदाबाद : पुलिस प्रताडऩा से तंग व्यक्ति ने दी जान, परिजनों ने किया हंगामा


फरीदाबाद, 27 जुलाई (हि.स.)। पुलिस प्रताडऩा से आहत होकर एक 60 वर्षीय व्यक्ति ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि साल 2017 के एक पुराने मामले को लेकर शनिवार को उन्हें खेड़ी पुल थाने बुलाया गया, जहां पूरे दिन बैठाकर मानसिक रूप से प्रताडि़त किया गया और गिरफ्तारी की धमकी दी गई। घटना के बाद निजी अस्पताल से शव को लेकर पहुंचे परिजनों और पुलिस के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। परिजन शव को पुलिस कमिश्नर कार्यालय ले जाकर रखने की बात पर अड़ गए। आखिरकार पुलिस अधिकारियों ने खेड़ी पुल थाना प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए बादशाह खान सिविल अस्पताल की मॉच्र्युरी में ले जाया गया। मृतक की पहचान जनकपुर गांव निवासी सतीश कुमार (60) के रूप में हुई है। वह पावर ग्रिड कंपनी में उच्च पद पर कार्यरत थे और करीब 2 महीने बाद अक्टूबर में सेवानिवृत्त होने वाले थे। जानकारी के अनुसार, साल 2017 में खेड़ी थाना क्षेत्र में हाई टेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। उस मामले में कंपनी पर लापरवाही का केस दर्ज किया गया था। कंपनी की ओर से इस पूरे मामले की कानूनी कार्रवाई, कोर्ट और थाने से जुड़े कार्य सतीश कुमार देख रहे थे। परिजनों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से सतीश कुमार को वर्ष 2017 के इसी मामले में लगातार नोटिस भेजकर खेड़ी पुल थाने बुलाया जा रहा था। शनिवार को भी उन्हें सुबह करीब 10 बजे थाने बुलाया गया और शाम करीब 6 बजे तक वहीं बैठाकर रखा गया। बेटे विवेक का आरोप है कि इस दौरान उनके पिता के साथ मानसिक रूप से प्रताडऩा की गई। उन्हें न तो ठीक से पानी पीने दिया गया और न ही बाथरूम जाने दिया गया। लगातार सवाल-जवाब कर उन पर दबाव बनाया गया और सोमवार को गिरफ्तार करने की धमकी भी दी गई। विवेक ने बताया कि शनिवार रात जब उनके पिता घर लौटे तो वह बेहद परेशान और तनाव में थे। उन्होंने परिवार को बताया कि पुलिस ने उन्हें काफी टॉर्चर किया है और सोमवार को गिरफ्तार करने की बात कही है। इसी मानसिक दबाव और प्रताडऩा से आहत होकर रविवार सुबह उन्होंने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। विवेक ने सीधे तौर पर खेड़ी पुल थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह को अपने पिता की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि जिस मामले में दूसरी पार्टी मुआवजे के लिए तैयार थी और थाना प्रभारी की कोई सीधी भूमिका नहीं थी, उसमें भी उनके पिता को बार-बार थाने बुलाकर परेशान किया जा रहा था। घटना के बाद परिजन सतीश कुमार को एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को बादशाह खान सिविल अस्पताल की मॉच्र्युरी लाया गया। यहां परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया और खेड़ी पुल थाना प्रभारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़ गए। इस दौरान सिविल अस्पताल परिसर में पुलिस और परिजनों के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। परिजन अपने मृतक परिजन का शव एंबुलेंस में रखकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय ले जाने की बात कहने लगे। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायत के आधार पर खेड़ी पुल थाना प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए मॉच्र्युरी में भेजा गया। वहीं एसीपी मुजेसर पंकज कुमार ने बताया कि जनकपुर गांव निवासी 60 वर्षीय सतीश कुमार द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की सूचना मिली थी। परिजनों ने पुलिस प्रताडऩा के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि परिजनों की शिकायत के आधार पर खेड़ी पुल थाना प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर