फरीदाबाद : मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे किसानों को पुलिस ने रोका
जमीन अधिग्रहण के मुआवजे और लैंड पूलिंग को लेकर मांग बडौली में किसानों का धरना है जारी
फरीदाबाद, 27 सितंबर (हि.स.)। जमीन अधिग्रहण के मुआवजे और लैंड पूलिंग को लेकर मांग को लेकर बड़ौली और प्रह्लादपुर गांव के किसानों का धरना रविवार को भी जारी रहा। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष धनसिंह कोतवाल, धरना अध्यक्ष वीरपाल गुर्जर और उनके समर्थक अपनी मांगों के संदर्भ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलने जा रहे थे, जिन्हें रास्ते में भारी पुलिस बल ने रोक दिया। पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया। इस दौरान किसान नेता वीरपाल गुर्जर ने इस कार्रवाई का विरोध जताते हुए कहा कि सरकार किसानों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है लेकिन जब तक किसानों को उनका हक नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा और किसान पीछे नहीं हटेंगे। वीरपाल गुर्जर ने बताया कि बड़ौली और प्रह्लादपुर गांव के किसानों का धरना 309 दिनों से जारी है। करीब 16 वर्ष पहले किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था और इसके लिए 645 रुपये प्रति गज की दर से मुआवजा तय किया गया। किसानों का कहना है कि मौजूदा बाजार दरों को देखते हुए वे इस मुआवजे से संतुष्ट नहीं हैं। किसानों ने लैंड पूलिंग योजना के तहत समाधान की पेशकश करते हुए अधिग्रहित जमीन के बदले उचित जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है। वीरपाल गुर्जर के मुताबिक, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को 9 जनवरी 2025 और 8 सितंबर को ज्ञापन देकर किसानों की मांगों से अवगत कराया जा चुका है। इसके अलावा मंत्री राजेश नागर और विपुल गोयल के समक्ष भी किसानों की समस्या रखी गई है, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ। किसानों का दावा है कि अधिग्रहित जमीन की मौजूदा बाजार कीमत पहले की तुलना में कई गुना बढ़ चुकी है। किसानों का कहना है कि अधिग्रहित जमीन पर उनकी मलकियत में 500 से अधिक पुराने मकान बने हुए हैं। किसान इन मकानों को अधिग्रहण से बाहर रखने और जमीन पर उनके मालिकाना हक को बरकरार रखने की मांग कर रहे हैं। वीरपाल गुर्जर ने कहा कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के फरीदाबाद आने पर किसानों को उनसे मिलने से पहले ही रोक दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक किसान पीछे नहीं हटेंगे। इस मौके पर सरपंच मेहर चंद सरपंच, चंद्रपाल सरपंच, विजयपाल चंदेला, रणवीर सरपंच, वीरेंद्र चंदीला, सतबीर चंदीला, सूरज चंदीला, ओमप्रकाश भाटी, किसान भाटी, डॉ. जय प्रकाश, सुका मास्टर, रोहित चंदीला, मस्तु ठेकेदार, धर्म नंबरदार, महिपाल चंदीला और जोगिंदर भाटी सहित भारी संख्या में ग्रामीण व किसान मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई, तो उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर

