फरीदाबाद : शहीद पुलिसकर्मियों के त्याग, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को कभी भुलाया नहीं जा सकता : सतेंद्र गुप्ता
पुलिस ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को किया नमन, परिजनों को किया सम्मानित
फरीदाबाद, 21 अक्टूबर (हि.स.)। देश की सुरक्षा, शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के वीर जवानों की स्मृति में बुधवार को पुलिस लाइन सेक्टर-30, फरीदाबाद स्थित शहीद स्मारक पर पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर फरीदाबाद पुलिस की ओर से शहीद जवानों को सलामी देकर नमन किया गया तथा शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र और पुष्पमालाएं अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त फरीदाबाद सतेंद्र कुमार गुप्ता, संयुक्त पुलिस आयुक्त राजेंद्र कुमार मीणा, पुलिस उपायुक्त मुख्यालय हिमाद्री कौशिक सहित सभी पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त एवं अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने देश की रक्षा और जनता की सुरक्षा करते हुए शहीद हुए पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों के जवानों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उन्होंने शहीदों के परिजनों को सम्मानित कर उनके प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पुलिस के वीर जवानों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। उनका त्याग, साहस और कर्तव्यनिष्ठा कभी भुलाया नहीं जा सकता। शहीदों का बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। देश को अपने वीर शहीद पुलिसकर्मियों पर हमेशा गर्व रहेगा। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों द्वारा दिया गया बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा और उनकी वीरता आने वाली पीढिय़ों को कर्तव्यनिष्ठा एवं देशसेवा की प्रेरणा देती रहेगी। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर फरीदाबाद पुलिस ने शहीद जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके आदर्शों पर चलने तथा जनसेवा, कानून व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उल्लेखनीय है कि पुलिस स्मृति दिवस का इतिहास वर्ष 1959 की उस घटना से जुड़ा है, जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में देश की सीमाओं की सुरक्षा कर रहे भारतीय पुलिसकर्मियों पर चीनी सैनिकों ने हमला कर दिया था। 21 अक्टूबर 1959 को हुए इस हमले में 10 बहादुर पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे, जबकि सात अन्य घायल हो गए थे और उन्हें बंदी बना लिया गया था। बाद में 13 नवंबर 1959 को शहीद जवानों के पार्थिव शरीर लौटाए गए तथा हॉट स्प्रिंग्स में पूरे पुलिस सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इन वीर पुलिसकर्मियों के अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। वर्ष 1960 में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिरीक्षकों के वार्षिक सम्मेलन में ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से इस दिवस को मनाने का निर्णय लिया गया था। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि फरीदाबाद पुलिस के जवानों ने भी कर्तव्यपालन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देकर पुलिस विभाग और देश का गौरव बढ़ाया है। कार्यक्रम के दौरान पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता, आईपीएस, ने शहीद सहायक उप निरीक्षक योगराज के पुत्र राजेश मेहता तथा शहीद सिपाही सतबीर सिंह की पत्नी सुनीता को सम्मानित किया। इस अवसर पर शहीदों के परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की गई।
हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर

