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फरीदाबाद : हत्या मामले में दोषी को उम्रकैद, हत्या के प्रयास में सात साल की सजा

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फरीदाबाद, 07 अगस्त (हि.स.)। पुरानी रंजिश के चलते अपनी मौसी की हत्या करने तथा उसकी बेटी को चाकू मारकर जख्मी करने के छह साल पुराने मामले में शुक्रवार को अदालत ने आरोपित को उम्रकैद और सात साल की सजा सुनाई है। उप जिला न्यायवादी डा. रेखा जांगड़ा ने बताया कि मामले के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 20 से अधिक गवाहों की अदालत में गवाही कराई गई। अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी तथा पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों के आधार पर पुरुषोत्तम कुमार, अतिरिक्त सत्र एवं जिला न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी बृजकिशोर उर्फ राजू को दोषी करार देते हुए विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई। वर्ष 2019 में थाना भूपानी क्षेत्र के न्यू भूपानी में आरोपी ने पुरानी रंजिश के चलते अपनी रिश्ते की मौसी की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं, वारदात के दौरान आरोपी ने मृतका की बेटी को भी चाकू मारकर जान से मारने का प्रयास किया था। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मृतका के बेटे आलोक शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 28/29 मार्च 2019 की रात किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी मां सुनीता शर्मा, उम्र करीब 45 वर्ष, पर चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी। इसी दौरान आरोपी ने उसकी बहन श्वेता, उम्र करीब 20 वर्ष, पर भी चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया और जान से मारने का प्रयास किया। वारदात के संबंध में थाना भूपानी में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी बृजकिशोर उर्फ राजू निवासी दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया गया। मृतका सुनीता शर्मा आरोपी की रिश्ते में मौसी लगती थी। वर्ष 2016 में आरोपी की शादी के कार्यक्रम के दौरान आरोपी के पिता श्री चंद और सुनीता शर्मा के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसी दौरान सुनीता शर्मा द्वारा आरोपी को लेकर अपमानजनक टिप्पणी किए जाने से आरोपी के मन में रंजिश पैदा हो गई थी। पुलिस जांच के अनुसार आरोपी ने इसी पुरानी रंजिश को लेकर मार्च 2019 में वारदात को अंजाम दिया और सुनीता शर्मा की चाकू मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने मृतका की बेटी श्वेता पर भी हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। पुलिस द्वारा जांच के दौरान महत्वपूर्ण भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर अदालत में पेश किए गए। पुलिस द्वारा की गई प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप अदालत ने आरोपी को हत्या, हत्या के प्रयास, घर में घुसने तथा शस्त्र अधिनियम के तहत अलग-अलग सजा सुनाई है।

हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर