फरीदाबाद : एचएसवीपी वन विभाग को देगा दोगुनी जमीन
फरीदाबाद, 02 अगस्त (हि.स.)। अरावली वन क्षेत्र में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की करीब 67 एकड़ भूमि के उपयोग के बदले अब वन विभाग को दोगुनी जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इस संबंध में केंद्र सरकार ने वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 के तहत भूमि डायवर्जन के लिए सैद्धांतिक (प्रिंसिपल) मंजूरी प्रदान कर दी है। अंतिम स्वीकृति की प्रक्रिया फिलहाल जारी है। एचएसवीपी इस प्रक्रिया के तहत 57 करोड़ रुपए की रकम भी वन विभाग के पास जमा करा चुका है। अरावली क्षेत्र में एचएसवीपी के जिमखाना क्लब, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी और अन्य निर्माण वन भूमि की सीमा में आने के कारण इनके नियमितीकरण के लिए प्रक्रिया अपनाई जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद वन विभाग ने इन निर्माणों की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी थी। जिसके बाद एचएसवीपी को या तो संबंधित निर्माण खाली करने अथवा उसके बदले वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। एचएसवीपी ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के समक्ष वन भूमि डायवर्जन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। मंत्रालय ने वन (संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत इस प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। अब अंतिम मंजूरी मिलने के बाद भूमि डायवर्जन की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वन विभाग के अनुसार, एचएसवीपी ने लेजर वैली पार्क क्षेत्र में वन विभाग को वैकल्पिक भूमि देने का प्रस्ताव रखा है। इस भूमि पर बड़े स्तर पर पौधारोपण कर घना वन विकसित किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे हरियाली बढ़ेगी, पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी और आसपास के रिहायशी इलाकों के लोगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में पिछले वर्ष जून और जुलाई माह के दौरान अरावली क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया गया था। इस दौरान फार्म हाउस, बैंक्वेट हॉल और मैरिज गार्डन सहित करीब 240 अवैध निर्माण हटाए गए थे, जिससे लगभग 261 एकड़ वन भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई थी। हालांकि, अनंगपुर गांव से जुड़े मामले में कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए, जिसके चलते फिलहाल व्यापक कार्रवाई पर रोक है। इसके बावजूद वन विभाग दोबारा अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखे हुए है। इससे पहले वर्ष 2021 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर खोरी कॉलोनी में पांच हजार से अधिक अवैध मकानों को हटाया गया था। वन मंडल अधिकारी झलकार उयाके ने बताया कि एचएसवीपी के कुछ निर्माण वन क्षेत्र में आने के कारण नियमानुसार 67 एकड़ भूमि के बदले दोगुनी वैकल्पिक जमीन वन विभाग को दी जाएगी। इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पौधारोपण कर हरित क्षेत्र विकसित किया जाएगा। लेजर वैली में भूमि उपलब्ध कराने पर सहमति बनी है और तहसील को भी भूमि डायवर्जन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए पत्र भेजा जा चुका है।
हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर

