फरीदाबाद : भ्रूण लिंग जांचने वाले अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग ने की छापेमारी
फरीदाबाद, 26 मई (हि.स.)। शहर के एक नंबर स्थित फावड़ा सिंह चौक के पास बने लीलावती अस्पताल में भ्रूण लिंग जांच करने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार देर रात छापेमारी की। यह कार्रवाई पीएनडीटी एक्ट के तहत की गई। स्वास्थ्य विभाग की इस रेड में फरीदाबाद और गुरुग्राम की संयुक्त टीम शामिल रही। अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी। पीएनडीटी विभाग के अधिकारी डॉ. आयुष कुमार ने बताया कि विभाग को जानकारी मिली थी कि उक्त अस्पताल में अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच की जा रही है। सूचना मिलने के बाद फरीदाबाद के सिविल सर्जन के नेतृत्व में दो टीमों का गठन किया गया। एक टीम फरीदाबाद की थी, जबकि दूसरी गुरुग्राम की सीक्रेट टीम थी। योजना के तहत एक महिला को गुप्त तरीके से अस्पताल भेजा गया, ताकि पूरे मामले की पुष्टि की जा सके। अधिकारियों के अनुसार अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और स्टाफ से महिला की भ्रूण लिंग जांच कराने की बात की गई, जिस पर वे तैयार हो गए। टीम का कहना है कि महिला से भ्रूण लिंग जांच के लिए कुल 36 हजार रुपए मांगे गए थे। इनमें से 20 हजार रुपए केवल लिंग जांच के नाम पर लिए गए थे। जैसे ही महिला को जांच के लिए अंदर कमरे में ले जाया गया, पहले से मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तुरंत छापेमारी कर दी। रेड के दौरान मौके से ओमप्रकाश समेत अन्य लोगों को पकड़ लिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में मौजूद उन उपकरणों और सामान को भी जब्त कर लिया, जिनका इस्तेमाल भ्रूण लिंग जांच में किया जा रहा था। अधिकारियों द्वारा मौके पर ही जरूरी दस्तावेज तैयार किए गए और पूरे मामले की रिपोर्ट बनाई गई। डॉ. आयुष कुमार ने बताया कि मामले में अस्पताल संचालक, संबंधित डॉक्टरों और अन्य शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। डॉ. आयुष कुमार ने बताया कि मामले में अस्पताल संचालक, संबंधित डॉक्टरों और अन्य शामिल लोगों के खिलाफ स्नढ्ढक्र दर्ज करवाई जाएगी। जांच के दौरान ओमप्रकाश खुद को डॉक्टर बता रहा था, लेकिन जब उससे उसकी शैक्षणिक योग्यता और डिग्री के बारे में पूछा गया, तो उसने खुद को केवल 12वीं पास बताया। इसके बाद अब उसकी डिग्री और मेडिकल प्रैक्टिस की वैधता की जांच भी पुलिस द्वारा करवाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि भ्रूण लिंग जांच पूरी तरह गैरकानूनी है और ऐसे मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि गुप्त सूचनाओं के आधार पर आगे भी जांच और छापेमारी जारी रहेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर

