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फरीदाबाद : सरकारी अस्पताल गेट पर हुई महिला की डिलीवरी

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फरीदाबाद : सरकारी अस्पताल गेट पर हुई महिला की डिलीवरी


फिर खुली सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पोल

फरीदाबाद, 01 सितंबर (हि.स.)। फरीदाबाद के धौज गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। प्रसव पीड़ा होने पर बाली कस्बे की रहने वाली नूरजहां खान को उसके परिजन धौज पीएचसी लेकर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग में प्रवेश करने वाले मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था। मौके पर डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ भी मौजूद नहीं था। इसी दौरान महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ गई और उसकी डिलीवरी अस्पताल के गेट के बाहर ही हो गई। परिजनों ने घटना का वीडियो भी रिकॉर्ड किया। वीडियो दो दिन बाद वायरल हुआ है। प्रसूता नूरजहां खान के पति मोसिम खान ने बताया कि रविवार सुबह तडक़े उनकी पत्नी को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इसके बाद वह परिजनों के साथ उन्हें लेकर नजदीकी धौज पीएचसी सेंटर पहुंचे। स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के बाद उन्होंने बिल्डिंग के अंदर जाने का प्रयास किया, लेकिन मुख्य गेट पर ताला लगा मिला। उन्होंने आसपास डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को तलाश किया, लेकिन वहां कोई कर्मचारी नहीं मिला। मोसिम के अनुसार, काफी देर तक मदद नहीं मिलने के कारण उनकी पत्नी की प्रसव पीड़ा लगातार बढ़ती गई। आखिरकार स्वास्थ्य केंद्र के गेट के बाहर ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। परिजनों का कहना है कि इस दौरान उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि डिलीवरी होने के बाद भी करीब आधे घंटे तक कोई स्वास्थ्यकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद किसी तरह एक चपरासी को बुलाया गया और उसके माध्यम से स्वास्थ्य केंद्र का गेट खुलवाया गया। जच्चा और बच्चे को अंदर वार्ड में ले जाकर भर्ती कराया गया। मोहसिन का आरोप है कि भर्ती कराने के बाद भी करीब एक घंटे तक नर्सिंग स्टाफ वहां नहीं पहुंचा। बाद में नर्सिंग स्टाफ के पहुंचने पर जच्चा और बच्चे की जांच और देखभाल शुरू की गई। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दोनों की स्थिति सामान्य बताई गई और उपचार के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं। मामला सामने आने के बाद फरीदाबाद के सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने धौज पीएचसी के एएसएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस के माध्यम से जवाब मांगा गया है कि आखिर स्वास्थ्य केंद्र का मुख्य गेट बंद क्यों था, उस समय डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ मौके पर क्यों मौजूद नहीं थे और महिला को स्वास्थ्य केंद्र के बाहर डिलीवरी कराने की स्थिति क्यों बनी। स्वास्थ्य विभाग की जांच और संबंधित अधिकारियों के जवाब के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में किस स्तर पर लापरवाही हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर