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फरीदाबाद : फर्जी कस्टमर केयर नंबर के झांसे में आकर ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार

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फरीदाबाद : फर्जी कस्टमर केयर नंबर के झांसे में आकर ठगी, दो आरोपी गिरफ्तार


फरीदाबाद, 03 सितंबर (हि.स.)। इंटरनेट पर किसी सेवा का कस्टमर केयर नंबर अथवा संपर्क नंबर सर्च करते समय सावधानी न बरतना आमजन को भारी पड़ सकता है। साइबर ठग फर्जी कस्टमर केयर नंबर इंटरनेट पर डालकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं और बातचीत के दौरान बैंक संबंधी जानकारी अथवा अन्य माध्यमों से उनके खातों से रकम उड़ा लेते हैं। फरीदाबाद पुलिस की साइबर थाना एनआईटी की टीम ने ऐसे ही दो अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों में कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

पहले मामले में सैनिक कॉलोनी, सेक्टर-49 निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 2 जुलाई 2026 को उसके बैंक खाते से चार अनधिकृत क्कढ्ढ ट्रांजैक्शन हुए। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद उसे पता चला कि उसके खाते से कुल 95 हजार 105 रुपये की राशि निकल चुकी है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने अपनी पत्नी के लिए डॉक्टर का अपॉइंटमेंट बुक कराने के उद्देश्य से इंटरनेट पर संबंधित मोबाइल नंबर सर्च किया था। इसके बाद उसके पास एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने उसकी पत्नी का नाम और अन्य जानकारी पूछी। इसी दौरान साइबर ठगों ने उसे अपने जाल में फंसाकर बैंक खाते से रकम निकाल ली। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि साइबर थाना एनआईटी की टीम ने ज्यानी दर्शन शैलेश निवासी अमरेली, गुजरात को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि वह बी.कॉम पास और बेरोजगार है। उसने अपना बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया हुआ था। जांच के दौरान उक्त खाते में ठगी की रकम में से 10 हजार रुपये आये है। जिसको गहन पूछताछ के लिए 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

दूसरे मामले में नगला इंक्लेव पार्ट-2 निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया कि 16 नवंबर 2025 को उसने ऑनलाइन माध्यम से ऑटो बुक किया था। सर्विस पूरी होने के बाद उसके 150 रुपये बकाया रह गए थे। बकाया रकम वापस लेने के लिए उसने इंटरनेट पर उपलब्ध कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क किया। इसके बाद उसके पास अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल आने लगीं। रिफंड दिलाने के नाम पर साइबर ठगों ने उससे बातचीत की और इसी दौरान उसके बैंक खाते से 88 हजार 645 रुपये की राशि निकाल ली।

मामले की जांच में साइबर थाना एनआईटी की टीम ने मो. रियासत निवासी देवघर, झारखंड को झारखंड जेल से प्रोडक्शन पर लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपित ने अपने साथ काम करने वाली एक महिला से यह कहकर उसका बैंक खाता लिया था कि उसमें उसके कुछ पैसे आने हैं। बाद में आरोपित ने उक्त बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध करा दिया। जांच में सामने आया कि इस खाते में ठगी की रकम में से करीब 86 हजार रुपये आए थे। आरोपित ने उक्त रकम एटीएम के माध्यम से निकलवाकर आगे ठगों तक पहुंचाई थी। पुलिस पूछताछ के बाद आरोपित को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर