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फरीदाबाद : सूरजकुंड दिवाली मेले से स्वदेशी उत्पादों और कारीगरों को मिल रहा नया बाजार: नायब सैनी

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फरीदाबाद : सूरजकुंड दिवाली मेले से स्वदेशी उत्पादों और कारीगरों को मिल रहा नया बाजार: नायब सैनी


मुख्यमंत्री ने किया सूरजकुंड दिवाली मेले का शुभारंभ, 26 अक्टूबर तक आयोजित होगा मेला

फरीदाबाद, 23 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सूरजकुंड दिवाली मेला आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी के संकल्प को साकार करने वाले श्रम साधकों, कारीगरों और कलाकारों को नया बाजार उपलब्ध करवाने का एक सार्थक प्रयास है। इस मेले का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को बिना किसी बिचौलिये के सीधे ग्राहकों तक पहुंचाना और कारीगरों को उनके परिश्रम का उचित लाभ दिलाना है। उन्होंने कहा कि जब स्थानीय उत्पादों पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा, तो कारीगरों को नए ग्राहक मिलेंगे और उनके काम को आगे बढ़ाने का उत्साह भी बढ़ेगा। मुख्यमंत्री सैनी शुक्रवार को फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड में दिवाली मेले के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समारोह में कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। नायब सिंह सैनी ने कहा कि 23 से 26 अक्टूबर तक आयोजित यह मेला भारतीय हस्तशिल्प, लोक संस्कृति और विभिन्न क्षेत्रों के खानपान की विविधता को प्रदर्शित करेगा। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आत्मनिर्भरता और ‘वोकल फॉर लोकल’ को जनभागीदारी से जोडऩा आवश्यक है। इसमें गांव के कुम्हार, बुनकर, बढ़ई, छोटे दुकानदार और महिला उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सूरजकुंड का दिवाली मेला इसी भागीदारी को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि दीपावली की सबसे सुंदर रोशनी वह है, जो हमारे घर के साथ-साथ किसी मेहनतकश परिवार के घर को भी रोशन करे। त्योहारों पर स्थानीय कारीगरों के बनाए उत्पाद खरीदने से उनके परिवारों की आजीविका को सहारा मिलता है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह महिलाओं के सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभरे हैं। इन समूहों के उत्पाद प्रदेशभर में अपनी पहचान बना रहे हैं। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत अब तक 67641 स्वयं सहायता समूहों से 6 लाख से अधिक परिवारों को जोड़ा जा चुका है। इन समूहों को रिवॉल्विंग फंड और सामुदायिक निवेश निधि के रूप में सरल ऋण के माध्यम से वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक 596 करोड़ रुपये की विभिन्न प्रकार की वित्तीय सहायता प्रदान की जा चुकी है। सामुदायिक निवेश निधि की राशि को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख 50 हजार रुपये कर दिया गया है। हरियाणा के पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि आज सूरजकुंड धार्मिक आस्था के केंद्र से लेकर अंतर्राष्ट्ररीय व्यापार केंद्र के रूप में स्थापित हो चुका है। इस वर्ष सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले का 20 लाख लोगों ने आनंद लिया जिनमें 50 देशों के पर्यटक भी शामिल थे। इसी तर्ज पर सूरजकुंड दीवाली मेला भी धीरे-धीरे लोगों के दिलों में वही जगह बना रहा है। उन्होंने दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के लोगों से आह्वान किया कि वे अगले 4 दिन तक यहां लगाई गई 300 दुकानों के माध्यम से दिवाली की खरीददारी करें और मेले का आनंद लें। इससे स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर