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फरीदाबाद : अब बिना आधार-कार्ड के होंगे प्रवासी श्रमिकों के बच्चों के दाखिले

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फरीदाबाद : अब बिना आधार-कार्ड के होंगे प्रवासी श्रमिकों के बच्चों के दाखिले


फरीदाबाद, 08 अप्रैल (हि.स.)। जिले के सरकारी स्कूलों में अब प्रवासी श्रमिक परिवारों के बच्चे बिना परिवार पहचान पत्र या आधार कार्ड के दाखिला लेकर पढ़ाई कर सकेंगे। स्कूल स्टाफ अपनी एमआइएस कर्मचारी आईडी का उपयोग करते हुए इन बच्चों के लिए अस्थाई प्रवेश आईडी तैयार करेगा। यह अस्थायी आइडी तब तक रहेगी, जब तक संबंधित बच्चे का परिवार पहचान पत्र नहीं बन जाता। शिक्षा विभाग के अनुसार, शहर में बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक परिवार रहते हैं। अमूमन इन परिवारों के बच्चों के पास हरियाणा का परिवार पहचान पत्र एवं आधार कार्ड नहीं होता, जिससे उन्हें सरकारी स्कूलों में दाखिला लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता था। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि दस्तावेज की कमी के चलते किसी भी बच्चे को पढ़ाई से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। शिक्षा विभाग के अनुसार, फरीदाबाद में बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक परिवार रहते हैं। उनके पास पूरे कागजात ना होने के कारण उनके बच्चे की पढ़ाई रूक जाती है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बसंत कुमार ढिल्लों ने बताया कि, सभी स्कूलों को आदेश जारी किए गए हैं कि वो हर सरकारी स्कूल में अलग से एक रजिस्टर तैयार करें, जिसमें ऐसे बच्चों का रिकार्ड रखा जाए, जिन बच्चों का दाखिला अस्थाई आईडी के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि हर 14 साल तक के बच्चे को बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत शिक्षा का अधिकार दिया गया है। मौलिक शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि छह से 14 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा का अधिकार है। सरकारी स्कूलों को आदेश दिए गए हैं कि वो अपने क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा बच्चों का दाखिला कराएं। इसे लेकर स्कूल प्रिसिंपल के साथ बैठक भी की गई है। जिसमें दाखिले को लेकर उनको जानकारी दी गई है। ग्रामीण इलाकों में गांव में जाकर बच्चों का दाखिला कराने के लिए बोला गया है, ताकि कोई बच्चा इस सुविधा से वंचित ना रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / -मनोज तोमर