राेहतक: पावर ग्रिड का टावर लगाने पहुंचे अधिकारियों को किसानों ने लौटाया, जमकर हंगामा
इस्माईला, गिझी समेत चार गांवों के किसानों ने रुकवाया काम, बोले- मुआवजे में भेदभाव नहीं चलेगा
पुलिस ने किसानों को समझाने का किया प्रयास, नहीं माने किसान
रोहतक, 01 अगस्त (हि.स.)। जिले में पावर ग्रिड के टावर लगाने को लेकर किसानों और अधिकारियों के बीच विवाद गहरा गया है। टावर लगाने के लिए मौके पर पहुंचे पावर ग्रिड के अधिकारियों और कर्मचारियों का किसानों ने जमकर विरोध किया। बड़ी संख्या में किसान मौके पर एकत्रित हो गए और टावर लगाने का काम रुकवा दिया। किसानों के विरोध और हंगामे के बीच पावर ग्रिड के अधिकारियों को बिना काम किए ही वापस लौटना पड़ा।
गांव इस्माईला, गिझी सहित चार गांवों से टॉवर लगाने का काम चल रहा है, किसानों का आरोप है कि पावर ग्रिड की ओर से टावर लगाने के लिए जमीन का इस्तेमाल किए जाने के बदले दिए जाने वाले मुआवजे में भेदभाव किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि अलग-अलग किसानों के साथ मुआवजे को लेकर समान व्यवहार नहीं किया जा रहा, जिसके कारण उनमें रोष है। किसानों ने मौके पर स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक मुआवजे को लेकर उचित निर्णय नहीं लिया जाता और किसानों की मांगों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक वे अपनी जमीन पर पावर ग्रिड के टावर नहीं लगने देंगे। किसानों ने अधिकारियों के सामने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए काम रोक दिया।
बताया जा रहा है कि पावर ग्रिड के अधिकारी और कर्मचारी टावर लगाने के काम को लेकर मौके पर पहुंचे थे। जैसे ही किसानों को इसकी जानकारी मिली, वे भी मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते काफी संख्या में किसान एकत्रित हो गए। किसानों ने अधिकारियों से मुआवजे को लेकर सवाल किए और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। माहौल गरमाने के बाद किसानों ने टावर लगाने का काम रुकवा दिया। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन पर पावर ग्रिड का काम किया जा रहा है, ऐसे में उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए। किसानों ने आरोप लगाया कि मुआवजे के मामले में उनकी आपत्तियों और मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। इसी वजह से किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसानों के विरोध और हंगामे की सूचना मिलने पर सांपला पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। हालांकि किसानों का विरोध जारी रहने के कारण पावर ग्रिड के अधिकारियों को वहां से वापस लौटना पड़ा। पुलिस भी स्थिति को देखते हुए वापस लौट गई।
मुआवजे पर निर्णय तक काम नहीं होने देंगे : किसान
किसानों ने साफ कर दिया है कि जब तक मुआवजे को लेकर उनकी मांगों पर उचित फैसला नहीं होता, तब तक टावर लगाने का काम नहीं होने दिया जाएगा। किसान राजेंद्र , महेंद्र, सतीश, रामफल का कहना है कि वे अपनी जमीन से जुड़े इस मामले में किसी तरह का भेदभाव स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने पावर ग्रिड के अधिकारियों से मुआवजे को लेकर स्पष्ट और समान नीति अपनाने की मांग की है। फिलहाल किसानों के विरोध के चलते चार गांवों में पावर ग्रिड के टावर लगाने का काम रुक गया है। किसानों ने साफ कहा है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो वे आगे भी विरोध जारी रखेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / अनिल

