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हिसार : कीटनाशकों का प्रयोग वैज्ञानिकों की सलाह और संतुलित मात्रा में करें किसान : प्रो. बीआर कम्बोज

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हिसार : कीटनाशकों का प्रयोग वैज्ञानिकों की सलाह और संतुलित मात्रा में करें किसान : प्रो. बीआर कम्बोज


हकृवि में कीटनाशकों के सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग पर प्रशिक्षण आयोजित

हिसार, 02 नवंबर (हि.स.)। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कीट विज्ञान विभाग

की ओर से कोरटेवा एग्रीसाइंस के प्रायोजन से किसानों को कीटनाशकों के सुरक्षित, जिम्मेदार

एवं विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक जागरूकता एवं प्रशिक्षण

कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज

मुख्य अतिथि रहे।

कुलपति प्रो. बीआर कम्बोज ने साेमवार काे किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि कीटनाशक फसलों

को कीटों और रोगों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन इनका प्रयोग हमेशा

वैज्ञानिकों की सलाह और निर्धारित मात्रा के अनुसार ही करना चाहिए। बिना जरूरत और अधिक

मात्रा में कीटनाशकों का छिडक़ाव करने से खेती की लागत बढ़ती है तथा फसल, मानव स्वास्थ्य

और पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि कीटनाशक खरीदते

और इस्तेमाल करते समय उसके पैकेट या बोतल पर दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ें। छिडक़ाव

करते समय मास्क, दस्ताने और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें। उन्होंने कहा

कि कीटनाशकों का गलत इस्तेमाल मिट्टी, पानी, पशु-पक्षियों और लाभकारी कीटों के लिए

भी हानिकारक होता है।

प्रो. कम्बोज ने कहा कि समेकित कीट प्रबंधन (आईपीएम) टिकाऊ खेती का महत्वपूर्ण

हिस्सा है। किसानों को कीटों से बचाव के लिए केवल रासायनिक दवाओं पर निर्भर नहीं रहना

चाहिए। इसके लिए खेतों की नियमित निगरानी, कीटों की सही पहचान, जैविक नियंत्रण, फेरोमोन

ट्रैप और कीट प्रतिरोधी किस्मों जैसे उपाय अपनाने चाहिए। रासायनिक कीटनाशकों का छिडक़ाव

वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार संतुलित मात्रा में करना चाहिए, इससे खेती की लागत कम

करने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग ने कहा कि किसानों को कीटनाशकों का प्रयोग

करने से पहले फसल और उसमें लगने वाले कीट की सही पहचान करनी चाहिए। इसके बाद ही कृषि

वैज्ञानिकों या विशेषज्ञों की सलाह से उचित दवा का चयन और छिडक़ाव करना चाहिए। उन्होंने

किसानों से सुरक्षित कीटनाशक उपयोग अपनाने तथा पर्यावरण के अनुकूल खेती के तरीकों को

प्राथमिकता देने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. सुनीता यादव ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों

का स्वागत किया और विषय से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। कोरटेवा एग्रीसाइंस के प्रतिनिधि

डॉ. बसवेश्वर घोडक़ी ने धन्यवाद किया। मंच संचालन डॉ. रीना चौहान

ने किया। कोरटेवा एग्रीसाइंस द्वारा प्रतिभागियों को सेफ्टी किट भी प्रदान किए गए।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर