हिसार के रामायण टोल प्लाजा पर किसानों ने किया प्रदर्शन
चढ़ूनी की गिरफ्तारी व दिल्ली में प्रदर्शन कर
रहे युवाओं पर हुए लाठीचार्ज का विरोध
हिसार, 20 जुलाई (हि.स.)। किसान नेता गुरनाम सिंह
चढ़ूनी की गिरफ्तारी और दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं
पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में हांसी के रामायण टोल प्लाजा पर किसानों ने प्रदर्शन
किया। इस दौरान विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधियों, स्थानीय किसान नेताओं और रामायण
टोल प्लाजा कमेटी के सदस्यों ने मिलकर टोल पर सांकेतिक धरना दिया। सोमवार को धरने के
दौरान किसानों ने सरकार की नीतियों और पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते
हुए गहरा रोष व्यक्त किया।
धरने को संबोधित करते हुए किसान नेता दशरथ मलिक
ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक को अपनी जायज मांग रखने का अधिकार है,
लेकिन सरकार और प्रशासन शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने वालों पर दमनकारी नीतियां अपना
रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार को कड़े शब्दों
में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में फिर कभी किसी किसान नेता को गैर-कानूनी
तरीके से हिरासत में लिया गया या आंदोलनकारियों पर बल प्रयोग किया गया, तो देश का किसान
एक बार फिर बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगा और इससे पैदा होने वाले हालातों
की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
इस दौरान किसान नेताओं ने जंतर-मंतर पर युवाओं
पर लाठीचार्ज करने का आदेश देने वाले अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच बैठाने और
उनके विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग उठाई। उन्होंने साफ किया कि निहत्थे
और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करना पूरी तरह अलोकतांत्रिक है, इसलिए
जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी ही चाहिए। प्रदर्शनकारी किसानों ने सरकार
से मांग की कि आंदोलनकारी युवाओं पर दर्ज किए गए सभी झूठे मामलों को तुरंत वापस लिया
जाए और उनके अधिकारों की रक्षा की जाए। दोपहर बाद किसान नेताओं की रिहाई की सूचना मिलने
के बाद किसानों ने इस सांकेतिक धरने को शांतिपूर्वक समाप्त कर दिया। इस मौके पर रामायण
टोल प्लाजा कमेटी के पदाधिकारियों के साथ-साथ क्षेत्र के सैकड़ों किसान मुख्य रूप से
मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

