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सिरसा: किसानों ने फूंका पंजाब के मुख्यमंत्री का पुतला

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सिरसा: किसानों ने फूंका पंजाब के मुख्यमंत्री का पुतला


सिरसा, 19 मार्च (हि.स.)। भारतीय किसान एकता (बीकेई) के बैनर तले गुरुवार को किसानों ने सिरसा जिला मुख्यालय पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का पुतला फूंका। इस मौके पर बीकेई प्रधान लखविंद्र सिंह औलख ने कहा कि किसानों-मजदूरों की मांगों को लेकर 401 दिनों से शांतिपूर्ण चले किसान आंदोलन भाग-2 (शंभू व खनौरी बॉर्डर पर) को पंजाब की भगवंत मान सरकार ने केंद्र के इशारे पर 19 मार्च 2025 को उजाडऩे का काम किया।

औलख ने कहा कि लूटा गया सामान आज तक किसानों को वापस नहीं दिया गया है ना ही उसकी भरपाई करवाई गई है। इसलिए आज पंजाब और हरियाणा में भगवंत मान सरकार के खिलाफ विरोध दर्शन करते हुए पुतले फूंके गए। बीकेई द्वारा उपायुक्त को किसानों-मजदूरों की मांगों का मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमा कंपनियों द्वारा किसानों के साथ बार-बार हो रही गड़बडिय़ों को ठीक करने और मंडियों में फसल बेचने वाले किसानों की बायोमेट्रिक और ट्रैक्टर की फोटो के फरमान को वापस लेने की मांग रखी गई।

किसान नेता ने कहा कि अधिकारियों/ कर्मचारियों और व्यापारियों ने पंजीकरण में गड़बडिय़ां करके धान घोटाला किया, बाजरा भावांतर योजना में किसानों की लूट की, सीसीआई द्वारा नरमा खरीद में घोटाला किया गया, उन पर कार्रवाई करने की बजाए अब सरकार द्वारा बायोमेट्रिक वाला तुगलकी फरमान सुनाकर सजा किसानों को दी जा रही है, जो कभी सहन नहीं होगी।

किसान नेता औलख ने कहा कि क्रॉप कटिंग करते समय गांव को इकाई मानने की बजाय एक किसान को इकाई माना जाए, ताकि खराब हुई फसलों की बीमा क्लेम से भरपाई करवाई जा सके। खरीफ -2025 में भारी बरसात, जलभराव व बाढ़ से सिरसा जिले में बहुत भारी नुकसान हुआ था। हरियाणा सरकार ने जो मुआवजा और बीमा क्लेम जारी किया है, उसमें बहुत सारी अनियमिताएं हैं, कई गांवों का भारी नुकसान हुआ था जिन्हें ना तो मुआवजा मिला है और ना ही बीमा क्लेम। जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई जांच कमेटी को सभी सबूत देने के बावजूद भी अभी तक लूट में शामिल अधिकारियों व राईस शेलर मालिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और ना ही किसानों की भरपाई करवाई गई है। बीटी कॉटन वाले किसान लम्बे समय से नरमे की फसल न होने की वजह से आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। वर्ष 2006 के बाद बीटी कॉटन में कोई सुधार नहीं किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma