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सिरसा: किसान आंदोलन की जीत का श्रेय कांग्रेस को देने पर भडक़े किसान, पूर्व सीएम हुड्डा का पुतला फूंका

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सिरसा: किसान आंदोलन की जीत का श्रेय कांग्रेस को देने पर भडक़े किसान, पूर्व सीएम हुड्डा का पुतला फूंका


सिरसा, 11 मई (हि.स.)। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह द्वारा तीन कृषि कानूनों की वापसी का श्रेय कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को देने के विरोध में भारतीय किसान एकता (बीकेई) के बैनर तले किसानों ने सोमवार को सिरसा में रोष प्रदर्शन कर भूपेंद्र सिंह हुड्डा का पुतला फूंका। किसानों ने कहा कि आंदोलन का श्रेय कांग्रेस को देना बलिदानी किसानों का अपमान है।

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीनों काले कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर के किसानों ने ऐतिहासिक संघर्ष किया। 378 दिनों तक किसान दिल्ली की सीमाओं पर डटे रहे, हजारों किसानों पर मुकदमे दर्ज किए गए तथा लगभग 750 किसानों ने अपनी शहादत दी। किसानों के लंबे संघर्ष और भारी जनदबाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की थी।

किसान नेता ने कहा कि अब कांग्रेस नेताओं द्वारा यह कहना कि कृषि कानून राहुल गांधी के कारण वापस हुए, पूरी तरह झूठा और किसान संघर्ष का अपमान है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस ने ही कानून वापस करवाए थे तो 13 महीने तक किसान सडकों पर क्यों बैठे रहे और कांग्रेस नेता आंदोलन में किसानों के साथ क्यों नहीं डटे रहे। आंदोलन के दौरान किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेता को मंच सांझ नहीं करने दिया गया था।उन्होंने कहा कि आज भी किसान वर्ग एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज मुक्ति तथा किसानों के अन्य अधिकारों को लेकर संघर्षरत है। इस मौके पर अंग्रेज सिंह कोटली, गुरप्रीत संधू, गुरप्रीत जैलदार, जगतार बराड़, गुरजीत मान, नत्था सिंह झोरड़ रोही, विनोद मोचीवाली, राजू सिंह, महावीर गुडियाखेडा, राकेश खारिया, गुरसेवक सिंह वीरूवाला, बलकार सिंह शिरा सिंह, आदि किसान मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma