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हरियाणा में राेक के बावजूद किसान जला रहे पराली

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-नौ नए मामले मिलने से आंकड़ा 89 पहुंचा

-45 नोडल अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

चंडीगढ़, 07 नवंबर (हि.स.)। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के बीच हरियाणा सरकार ने पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। प्रदेश में पराली जलाने के नौ नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही इस सीजन में कुल मामलों की संख्या बढक़र 89 हो गई है। खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखने में लापरवाही बरतने वाले 45 नोडल अधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। सरकार ने किसानों के साथ-साथ जिम्मेदारी में कोताही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है।

शुक्रवार को कैथल जिले में पराली जलाने के सबसे ज्यादा चार नए मामले सामने आए। यह मामले गुहला और राजौंद क्षेत्र के हैं। इसके अलावा फतेहाबाद के जाखल, करनाल के निसिंग, कुरुक्षेत्र के पिहोवा, सिरसा और यमुनानगर के जगाधरी में एक-एक मामला दर्ज किया गया। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की टीमें इन घटनाओं की जांच कर रही हैं।

विभाग के अनुसार, अब तक पराली जलाने से जुड़े 77 मामलों की जांच की जा चुकी है। इनमें 41 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई है। इसके बाद 32 किसानों पर कुल 1.95 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इनमें से 1.40 लाख रुपये की वसूली भी की जा चुकी है। वहीं, अब तक 24 किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई हैं और 11 किसानों के राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री की गई है।

पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए नोडल अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, लेकिन निगरानी में लापरवाही सामने आने पर विभाग ने 45 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इनमें कुरुक्षेत्र के 15 और कैथल के आठ अधिकारी शामिल हैं। अंबाला, हांसी और जींद में 4-4 अधिकारियों को नोटिस दिए गए हैं। इसके अलावा हिसार, करनाल, रोहतक और यमुनानगर में 2-2 अधिकारियों से जवाब मांगा गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा