हिसार : उन्नत किस्मों से खेती करके अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते किसान : डॉ. दिनेश तोमर
मृदा व पौधों में पोषक तत्वों के प्रबंधन के
लिए खेत दिवस कार्यक्रम आयोजित
हिसार, 03 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय
की ओर से किसानों को नवीनतम उन्नत तकनीकों, उन्नत किस्म के बीजों, संतुलित उर्वरक प्रबंधन
तथा शोध कार्यों की जानकारी देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी
में विश्वविद्यालय के मृदा विज्ञान विभाग की ओर से मृदा व पोषक तत्वों के प्रबंधन एवं
अनुसूचित जाति उप योजना के बारे में किसानों को जागरूक करने के लिए खेत दिवस कार्यक्रम
का आयोजन किया गया। अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के अन्तर्गत आयोजित इस कार्यक्रम
की अध्यक्षता मृदा विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश तोमर ने की।
डॉ. दिनेश तोमर ने अपने संबोधन में शुक्रवार काे बताया कि
किसान विश्वविद्यालय द्वारा विकसित की गई उन्नत किस्मों का चयन करके वैज्ञानिक विधि
के अनुसार खेती करके कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। प्राकृतिक खेती
को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के दृष्टिगत किसानों को कीटनाशकों
एवं संतुलित उर्वरक प्रबंधन को अपनाना चाहिए ताकि दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही बीमारियों
पर अंकुश लगाया जा सके। उन्होंने किसानों को अनुसूचित जाति उप योजना के बारे में जानकारी
देते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत किसानों को प्रशिक्षण, जैविक खेती, ड्रिप सिंचाई,
किसान मेले तथा कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं। कार्यक्रम में किसानों को आवश्यक उर्वरको
का भी वितरण किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. रोहताश कुमार ने मृदा तथा
पौधों में पोषक तत्वों के प्रबंधन की जानकारी देते हुए बताया कि फसलों के लिए सूक्ष्म
पोषक तत्वों जैसे जिंक, लौह, कॉपर व मैंगनीज बहुत जरूरी है। पोषक तत्वों से फसल की
पैदावार, गुणवत्ता और रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। वैज्ञानिकों ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक
को अपनाने,संसाधनों का सही उपयोग करने और वैज्ञानिक विधि के अनुसार खेती करने के लिए
प्रेरित किया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

