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फरीदाबाद, गुरुग्राम, मानेसर व रेवाड़ी में बनेंगे औद्योगिक सचिवालय

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चंडीगढ़, 02 मार्च (हि.स.)। हरियाणा में नए उद्योग स्थापित करने के इच्छुक लोगों की सुविधा के लिए सरकार ‘लैंड आन लीज’ नीति लेकर आएगी,जिसके तहत उद्योगपतियों को दीर्घकालीन प्लाट लीज पर उपलब्ध कराए जाएंगे। जरूरत पडऩे पर उन्हें फ्रीहोल्ड में बदला जा सकेगा।

वित्त मंत्री नायब सैनी ने सोमवार को बजट में इस योजना की घोषणा की। नए उद्योगों की स्थापना के लिए प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं के साथ औद्योगिक फैक्ट्रियां और शेड विकसित किए जाएंगे।

पिछले बजट में प्रस्तावित दस आइएमटी में से दो आइएमटी अंबाला और नारायणगढ़ के लिए भूमि खरीदने का काम शुरू हो चुका है, जबकि तोशाम, जींद, रेवाड़ी, फरीदाबाद और राई में ई-भूमि पोर्टल पर किसानों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। नई सेमी कंडक्टर नीति, फार्मास्युटिकल और मेडिकल डिवाइस नीति, टायज एवं स्पोर्टस इक्विपमेंट नीति के साथ ही एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कामिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी नीति के प्रारूप तैयार कर लिए गए हैं। इन सभी को आगामी वित्तीय वर्ष में लागू किया जाएगा। लैंड फीजिबिलिटी सर्टिफिकेट व्यवस्था शुरू की जाएगी, जिसके तहत निवेशकों को 45 कार्यदिवसों के भीतर एक डिजिटल प्रमाणपत्र उपलब्ध कराया जाएगा।

कोविड के बाद पैदा हुए हालातों के कारण एचएसआईआईडीसी के 500 से अधिक प्लाट धारकों को विशेष राहत देते हुए निर्माण की समय सीमा 31 दिसंबर तक बढ़ाई जाएगी। निवेशकों को विभिन्न विभागों के चक्कर न लगाने पड़े, इसके लिए फरीदाबाद, गुरूग्राम, मानेसर एवं रेवाड़ी में सामान्य औद्योगिक सचिवालय बनाए जाएंगे। महिलाओं के नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स की संख्या को 51 से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा