जींद में भीषण अग्निकांड के विरोध में मजदूरों ने किया प्रदर्शन
जींद, 09 मार्च (हि.स.)। सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन सीटू के आह्वान पर सोमवार को मजदूरों ने शहर में प्रदर्शन किया और प्रशासनिक लापरवाही के चलते सफीदों में रंग बनाने वाली फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड को लेकर रोष जताया। प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम सफीदों के कार्यालय पहुंच कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
सीटू जिला सहसचिव राधेश्याम, कपूर सिंह ने कहा कि यह महज एक हादसा नहीं बल्कि फैक्टरी मालिक और प्रशासन की लापरवाही से हुआ संस्थागत हत्याकांड है।
जांच में सामने आया है कि फैक्टरी में श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही थी। न तो वहां अग्निशमन उपकरण थे और न ही सुरक्षा किट। सबसे शर्मनाक बात यह है कि गेट पर बाहर से ताला लगा होने के कारण मजदूर अंदर ही फंस गए, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार को घेरे में लेते हुए कहा कि फायर ब्रिगेड का एक घंटे देरी से पहुंचना विभाग में रिक्त पड़े पदों और संसाधनों की कमी का जीता जागता प्रमाण है। मजदूरों को न्यूनतम वेतन न देकर उनसे बंधुआ मजदूरों की तरह काम लिया जा रहा था। जिसकी सुध स्थानीय प्रशासन ने कभी नहीं ली। उन्होंने मांग की कि मृतक परिवारों को 50 लाख रुपये का मुआवजा और एक सदस्य को स्थायी सरकारी, अर्ध सरकारी नौकरी दी जाए। घायल मजदूरों को 10 लाख रुपये की सहायता मिले और उनका पूरा इलाज सरकारी खर्च पर हो। फैक्टरी मालिक और दोषी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मुकद्दमा दर्ज करते हुए उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। पूरे जिले और प्रदेश में असुरक्षित व अवैध फैक्ट्रियों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। मजदूर विरोधी चारों श्रम संहिताओं को तुरंत रद्द किया जाए। सीटू नेताओं ने चेताया कि यदि इन मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन पूरे प्रदेश में मजदूरों को लामबंद कर एक बड़ा आंदोलन छेडऩे के लिए मजबूर होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा

