हिसार: शोध कार्य में एआई का उपयोग सहायक साधन के रूप में करें, विकल्प में नहीं : प्रो. पंकज शर्मा
गुजविप्रौवि में शोध लेखन में मौलिकता, शैक्षणिक ईमानदारी और एआई के नैतिक
उपयोग पर विस्तार व्याख्यान आयोजित
हिसार, 22 अक्टूबर (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय
के अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विभाग की ओर से विश्वविद्यालय सभागार के सेमिनार हॉल-2
में गुरुवार काे ‘शोध लेखन एवं शोध कार्य में एआई उपकरणों का नैतिक उपयोग’ विषय पर विस्तार व्याख्यान
आयोजित किया गया। कार्यक्रम में चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय, सिरसा के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष
प्रो. पंकज शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में शोध लेखन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग,
शैक्षणिक ईमानदारी और मौलिकता के महत्व पर विचार साझा किए।
प्रो. पंकज शर्मा ने गुरुवार काे कहा कि एआई उपकरण शोध लेखन में भाषा को बेहतर बनाने, विचारों
को व्यवस्थित करने और संबंधित साहित्य की खोज में सहायक हो सकते हैं, लेकिन ये वैज्ञानिक
सोच, स्वतंत्र विश्लेषण और शोधार्थी की जवाबदेही का स्थान नहीं ले सकते। उन्होंने शोधार्थियों
को स्रोतों का सही उल्लेख करने, साहित्यिक चोरी से बचने तथा एआई उपकरणों का उपयोग जिम्मेदारी
और नैतिकता के साथ करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शोध लेखन में स्पष्टता, मौलिकता
और शोध पद्धति के निर्धारित मानकों का पालन करने पर भी जोर दिया। व्याख्यान के दौरान
उपस्थित संकाय सदस्यों एवं शोधार्थियों ने विषय में रुचि दिखाई और प्रश्नोत्तर सत्र
में सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन एवं विश्वविद्यालय के कुलगीत के
साथ हुआ। विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका सिंगला ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर
संकाय सदस्यों द्वारा मुख्य वक्ता प्रो. पंकज शर्मा को स्मृति चिह्न एवं पटका भेंट
कर सम्मानित किया गया। डॉ. साक्षी जैन ने धन्यवाद किया। इस अवसर पर डॉ. तमन्ना, डॉ.
आस्था, आरती, विभाग के समस्त संकाय सदस्य एवं
शोधार्थी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर

